बरेली/लखनऊ@BareillyLive:कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने विधायक निधि योजना को अधिक व्यावहारिक, जनोपयोगी और समयानुकूल बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश विधानसभा की विधायक निधि योजना दिशादर्शिका समिति के समक्ष 10 महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए हैं।
उन्होंने बताया कि समिति का सदस्य नामित किए जाने के बाद उन्होंने विधायक निधि के प्रभावी उपयोग के लिए यह प्रस्ताव भेजे हैं। उन्होंने ये सुझाव आज उत्तर प्रदेश विधान भवन में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में नवगठित 11 सदस्यीय “विधायक निधि योजना दिग्दर्शिका समिति” की प्रथम बैठक में प्रस्तुत किये।

ये हैं प्रमुख सुझाव
कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने बताया कि प्रमुख सुझावों में धार्मिक स्थलों के मूलभूत विकास कार्यों के लिए विधायक निधि से सहायता, विधायक निधि की राशि 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7.50 करोड़ रुपये करने, विकास कार्यों पर जीएसटी का भार समाप्त करने तथा एक कार्य की अधिकतम सीमा 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने की मांग शामिल है।
इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, आवश्यकतानुसार हैंडपंप स्थापना, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विधायक कार्यालय एवं आवास, पुराने विकास कार्यों के रखरखाव और पुनर्निर्माण, क्षेत्रीय भ्रमण के लिए विधायक को वाहन उपलब्ध कराने तथा विधायक कार्यालय के संचालन हेतु कंप्यूटर ऑपरेटर की व्यवस्था का भी सुझाव दिया गया है।
विधायक संजीव अग्रवाल ने उम्मीद जताई कि समिति उनके सुझावों पर सकारात्मक विचार करेगी, जिससे विधायक निधि का उपयोग अधिक प्रभावी और जनहितकारी ढंग से किया जा सके।






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