बरेलीलाइव@bareillynews :बरेली। आला हजरत इमाम अहमद रज़ा खां फाज़िले बरेलवी के 108वें तीन दिवसीय उर्स-ए-रज़वी का आगाज़ 6 अगस्त से होगा। उर्स की सभी तैयारियां काज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रज़ा खां कादरी (असजद मियां) की सरपरस्ती में अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। व्यवस्थाओं की निगरानी जमात रज़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उर्स प्रभारी सलमान मियां और राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां कर रहे हैं।
रविवार को उर्स स्थल मदरसा जामियातुर्रज़ा में आयोजित अंतिम समीक्षा बैठक में जायरीनों की सुविधा, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में दरगाह से लेकर उर्स स्थल तक ठहरने, भोजन, साफ-सफाई, पेयजल, वजू की व्यवस्था, शौचालय, पंडाल, स्टेज, साउंड सिस्टम, सजावट और यातायात प्रबंधन सहित सभी तैयारियों की समीक्षा की गई।
उर्स प्रभारी सलमान मियां ने कहा कि इस वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के पहुंचने की सूचना है। उन्होंने लंगर कमेटियों से अधिक से अधिक लंगर लगाने की अपील करते हुए कहा कि बरेली की मेहमाननवाज़ी पूरी दुनिया में मशहूर है और सभी लोगों को आला हजरत के मेहमानों की सेवा के लिए पूरी निष्ठा से जुटना चाहिए।
राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां ने बताया कि भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, सऊदी अरब, मॉरीशस, दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी, मिस्र, दुबई, हॉलैंड और तुर्की सहित कई देशों से अकीदतमंद उर्स में शिरकत करने बरेली पहुंचेंगे।
उर्स कोर कमेटी के डॉ. मेंहदी हसन ने बताया कि जायरीनों की सुविधा के लिए 7 और 8 अगस्त को सिटी स्टेशन से उर्स स्थल मदरसा जामियातुर्रज़ा तक 24 घंटे निशुल्क बस सेवा संचालित की जाएगी। बस सेवा का संचालन काज़ी-ए-हिंदुस्तान की ओर से किया जाएगा और इसकी व्यवस्था दानिश रज़ा की देखरेख में रहेगी।
जमात रज़ा के प्रवक्ता समरान खान ने बताया कि उर्स को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए उर्स कोर कमेटी, वॉलंटियर्स, लंगर कमेटियां तथा जमात रज़ा-ए-मुस्तफा की विभिन्न शाखाएं लगातार तैयारियों में जुटी हुई हैं। अधिकांश व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं और शेष कार्य भी तेजी से अंतिम रूप दिए जा रहे हैं।
बैठक का संचालन हाफिज इकराम रज़ा खां ने किया। इस दौरान समरान खान, डॉ. मेंहदी हसन, मोईन खान, शमीम अहमद, यासीन खान, कौसर अली, अब्दुल्लाह रज़ा खां, दानिश रज़ा, बख्तियार खान, मोईन अख्तर, गुलाम हुसैन, रेहान रज़ा, आतिफ मिर्जा, रहबर खान, अली रज़ा, सैफ रज़ा कादरी, नावेद आलम, शाइबउद्दीन रज़वी सहित कई पदाधिकारी एवं स्वयंसेवक मौजूद रहे।






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