बरेलीलाइव@bareillynews:पशुपालकों को आधुनिक डेयरी प्रबंधन, वैज्ञानिक पशुपालन और सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
बरेली। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) देवयानी ने बुधवार को विकास भवन सभागार में नंद बाबा दुग्ध मिशन योजना के अंतर्गत आयोजित जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में पशुपालकों, डेयरी उद्यमियों और किसानों को आधुनिक पशुपालन, डेयरी प्रबंधन एवं विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीडीओ देवयानी ने कहा कि दुग्ध उत्पादन और पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने किसानों एवं पशुपालकों से राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि दुग्ध विकास विभाग और पशुपालन विभाग के माध्यम से नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना तथा प्रारंभिक बहुउद्देशीय दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति गठन जैसी योजनाओं के जरिए पशुपालकों की आय बढ़ाने, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ई-लॉटरी से चयनित 28 लाभार्थियों (14 महिला एवं 14 पुरुष) को सीडीओ ने चयन पत्र वितरित किए और उन्हें योजनाओं का पारदर्शी एवं प्रभावी लाभ मिलने की शुभकामनाएं दीं।
कॉन्क्लेव के दौरान विभागीय अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों ने उपस्थित पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन, उन्नत डेयरी प्रबंधन, हरा चारा उत्पादन, पशु स्वास्थ्य, दुग्ध उत्पादन की गुणवत्ता, उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2022, बैंक ऋण और वित्तीय सहायता सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें आधुनिक डेयरी व्यवसाय अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों, डेयरी उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों और अन्य लाभार्थियों ने भाग लिया। कॉन्क्लेव का उद्देश्य पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना रहा।
इस अवसर पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मनमोहन पांडेय, जिला विकास अधिकारी दिनेश कुमार यादव, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी एवं जिला समन्वयक (नंद बाबा दुग्ध मिशन), नाबार्ड के डीडीएम, कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के विषय विशेषज्ञ तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






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