Bareillylive : श्री रामायण मंदिर मारवाड़ी में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय श्री राम कथा के तीसरे दिन वृंदावन से पधारे कथाव्यास पूज्य श्री धनवंतरी दास जी महाराज ने आज शिव‑पार्वती विवाह का अत्यंत मनोहारी वर्णन किया। महाराज ने कहा कि संसार में सभी श्रृंगार किसी को सुंदर दिखाने के लिए किया जाता है, पर मेरे भोलेनाथ का श्रृंगार संसार को सुंदर बनाने का माध्यम है।
इस भाववाणी ने समस्त भक्तों के हृदय को छू लिया और लोगों ने भाव विभोर होकर कथा सुनी।
महाराज ने गुरु की महिमा पर भी व्यापक प्रकाश डाला और श्लोक बोलते हुए कहा, “राम तजूं गुरु को न बिसारु, गुरु के संग हरि को न निहारूं” — अर्थात् गुरु के साधना से ही भगवान से संबंध स्थापित होता है और वही भगवान को स्वीकार्य बनाता है।
उन्होंने हनुमान जी और शक्ति माता जानकी की महिमा का भी सुंदर वर्णन किया तथा स्पष्ट किया कि आत्म तत्व राम ही हैं। महाराज ने रामचरितमानस की महानता पर जोर देते हुए बताया कि यह ग्रंथ जीवन के हर पक्ष का अद्भुत स्रोत है।
कथा में जीवन और भक्ति से जुड़े संदेशों के साथ कुछ भावपूर्ण दोहे भी प्रस्तुत किए गए, जैसे कि “बिन भोजन पानी बिना उदर मचाए क्रांति, बिन सत्संग कभी कहीं मिले न शांति”, जिसने श्रोताओं को आत्मावलोकन के लिए प्रेरित किया।
कथा के मुख्य यजमान श्री राधे श्याम भाटिया एवं श्रीमती नीतू भाटिया परिवार सहित कार्यक्रम में उपस्थित रहे। रामायण मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष अनिल अरोड़ा ने बताया कि यह तुलसी जयंती महोत्सव 19 अगस्त तक जारी रहेगा और प्रतिदिन आध्यात्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।






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