bareillylive@bareillynews:रिठौरा, बरेली। राजश्री आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, बरेली में आयुर्वेद के महान आचार्य एवं चरक संहिता के प्रणेता आचार्य चरक की जयंती श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आचार्य चरक के जीवन, चिकित्सा दर्शन तथा आयुर्वेद के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान से परिचित कराना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत चरक प्रतिमा के समक्ष माल्यार्पण एवं पूजन के साथ हुई। संस्थान के चेयरमैन राजेन्द्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थियों को आयुर्वेद की समृद्ध परंपरा और महान आचार्यों के योगदान से परिचित कराने के लिए संस्थान निरंतर प्रयासरत है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुभाष चन्द्र सिंह रावत ने अपने संबोधन में आचार्य चरक के चिकित्सा सिद्धांतों एवं चरक संहिता की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की समृद्ध परंपरा को आधुनिक चिकित्सा आवश्यकताओं के साथ जोड़कर आगे बढ़ाना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर बी.ए.एम.एस. की छात्राओं कु. कृतिशा सारस्वत, कु. अनुष्का सक्सेना एवं कु. याशी ने अपने विचार एवं प्रस्तुतियां देकर आचार्य चरक के जीवन तथा आयुर्वेद में उनके योगदान को रेखांकित किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को प्रभावित किया।
कार्यक्रम में वैद्य योगेश चन्द्र मिश्रा, आयोजन सचिव, विश्व आयुर्वेद परिषद ने आयुर्वेद की प्राचीन ज्ञान परंपरा, चरक संहिता की चिकित्सकीय महत्ता तथा वर्तमान समय में आयुर्वेद की बढ़ती उपयोगिता पर विचार व्यक्त किए।
महाविद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजी. रोहन बंसल ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम एवं व्याख्यान आयोजित करने से छात्र-छात्राओं में अध्ययन के प्रति रुचि और जिज्ञासा बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को भारतीय चिकित्सा पद्धति की गौरवशाली परंपरा से जोड़ना संस्थान का प्रमुख उद्देश्य है।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों एवं विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन डॉ. पुनीत शर्मा द्वारा सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।






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