bareillylive@bareillynews:267 हेक्टेयर में विकसित होगी भव्य टाउनशिप, सात नाथ मंदिरों की अवधारणा पर बनेंगे थीम पार्क; नहर फ्रंट, ग्रीन कॉरिडोर और वेलनेस जोन होंगे प्रमुख आकर्षण
बरेली। बरेली की पहचान ‘नाथ नगरी’ को आधुनिक और हरित शहरी विकास से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) द्वारा लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 267 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्रस्तावित वृहद टाउनशिप का नाम ‘सप्तनाथ इको सिटी’ रखा गया है।
परियोजना की प्लानिंग और डिजाइन में बरेली की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और सतत नगरीय विकास के साथ जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
सात नाथ मंदिरों की अवधारणा पर बनेंगे सात थीम पार्क
‘सप्तनाथ इको सिटी’ की सबसे खास विशेषता यहां प्रस्तावित सात थीम पार्क होंगे। इनका कॉन्सेप्ट बरेली के सात प्रमुख नाथ मंदिरों की आध्यात्मिक विरासत से प्रेरित होगा। इसके अलावा परियोजना में आकर्षक नहर फ्रंट डेवलपमेंट, हरित कॉरिडोर, वॉकवे, आध्यात्मिक एवं वेलनेस जोन और मिनी गोल्फ कोर्स जैसी सुविधाओं की परिकल्पना की गई है।
टाउनशिप में बड़े ओपन स्पेस, लैंडस्केपिंग और पर्याप्त हरित क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। पर्यावरण-अनुकूल विकास को प्राथमिकता देते हुए इसे आधुनिक इको-सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है।
त्रिनेत्र और त्रिशूल से दिखेगी नाथ नगरी की पहचान
टाउनशिप का प्रस्तावित प्रवेश द्वार भी इसकी थीम को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। भव्य प्रवेश द्वार में भगवान शिव के त्रिनेत्र और त्रिशूल का विशिष्ट समागम देखने को मिलेगा। इसके जरिए बरेली की नाथ नगरी वाली आध्यात्मिक पहचान को आधुनिक स्थापत्य के माध्यम से प्रदर्शित करने का प्रयास किया गया है।
मंडलायुक्त के समक्ष प्रस्तुत की गई डिजाइन अवधारणा
‘सप्तनाथ इको सिटी’ की प्रस्तावित प्लानिंग और डिजाइन अवधारणा का प्रस्तुतीकरण मंडलायुक्त बरेली शंभू कुमार के समक्ष किया गया। उन्होंने परियोजना की थीम और नाथ नगरी की विरासत को आधुनिक शहरी विकास से जोड़ने की अवधारणा की सराहना की।
मंडलायुक्त ने परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव और दिशा-निर्देश भी दिए हैं। इन सुझावों को शामिल करते हुए परियोजना की रूपरेखा को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है।
विरासत और आधुनिकता का संतुलन होगा परियोजना का आधार
बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सौम्या पाण्डेय, IAS ने कहा कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप शहरी विस्तारीकरण के तहत विकसित की जा रही इस परियोजना में बरेली की विशिष्ट नाथ नगरी की विरासत को संरक्षित करते हुए उसे समकालीन शहरी स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘सप्तनाथ इको सिटी’ में विरासत, हरियाली, पर्यावरण और आधुनिक सुविधाओं के संतुलित समन्वय के माध्यम से बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शहरी जीवन उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है।
RERA पंजीकरण के बाद ही आम जनता के लिए खुलेगी परियोजना
फिलहाल ‘सप्तनाथ इको सिटी’ प्लानिंग और डिजाइन चरण में है। परियोजना की आवश्यक स्वीकृतियां और नियमानुसार अन्य प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इसका RERA पंजीकरण कराया जाएगा।
RERA पंजीकरण के बाद ही परियोजना को नियमानुसार आम जनता के लिए खोला जाएगा। परियोजना की आगामी प्रगति और इससे जुड़ी विस्तृत जानकारियां अगले चरणों में साझा की जाएंगी।
नोट: फिलहाल परियोजना प्रस्तावित एवं डिजाइन चरण में है। इसलिए जमीन, प्लॉट या आवास की बिक्री से संबंधित किसी भी दावे को RERA पंजीकरण और आधिकारिक घोषणा से पहले अंतिम नहीं माना जाना चाहिए।






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