bareillylive@bareillynews:जैसे आरोप लगाए। हालांकि, ये सभी आरोप इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों की ओर से लगाए गए हैं।
संगठन की कार्यप्रणाली पर जताई असहमति
सामूहिक इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों का कहना है कि वे संगठन की मौजूदा गतिविधियों और कार्यप्रणाली से सहमत नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा कोई राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि एक ट्रस्ट है। ऐसे में ट्रस्ट के नाम पर होने वाले किसी भी धन संग्रह में पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्धारित प्रक्रिया का पालन होना चाहिए।
पदाधिकारियों ने कहा कि वे ऐसी गतिविधियों का हिस्सा नहीं बनना चाहते, जिनसे भविष्य में उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा या पद की जिम्मेदारी प्रभावित हो। उन्होंने तत्काल प्रभाव से अपने-अपने दायित्वों से मुक्त किए जाने की मांग की।
इस्तीफा देने वालों में कई प्रमुख पदाधिकारी शामिल
सामूहिक इस्तीफे की घोषणा करने वालों में बरेली जिला अध्यक्ष आर्येंद्र मिश्रा, महानगर अध्यक्ष एकांश गुप्ता, राजीव शर्मा, शंभू पाठक, करण सारस्वत, प्रियांशु मिश्रा, सनी पांडे, अमित मिश्रा, अक्षय शुक्ला, दिनेश सक्सेना, अनिल तिवारी, विशाल शर्मा, जयनारायण शर्मा, करण शर्मा, अमित संस्कार, शिवांश शर्मा, उत्कर्ष मिश्रा, आयुष अग्रवाल, लक्ष्य अग्रवाल, हर्षित जायसवाल, देवांश संघर्ष, रजत संग्रहर, आशीष शर्मा, भागीरथ गोस्वामी, प्रिंस गुप्ता, विशाल सिंह, पंकज शर्मा, महेंद्र कुमार, संजीव शर्मा, सुभाष सक्सेना, सुबोध मिश्रा, आशीष मिश्रा, कुलदीप मिश्रा, भरत वाजपेई, कुमकुम सक्सेना, सुदीप शर्मा, संजीव गोस्वामी और अंकित सक्सेना समेत अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
नाम और पहचान का इस्तेमाल न करने की मांग
पदाधिकारियों ने अनुरोध किया कि इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद संगठन की ओर से उनके नाम, पद या पहचान का इस्तेमाल किसी भी प्रचार-प्रसार अथवा धन संग्रह के लिए न किया जाए। उन्होंने कहा कि संगठन से अलग होने के बाद वे किसी भी ऐसी गतिविधि से अपना नाम नहीं जोड़ना चाहते, जिससे उनकी व्यक्तिगत छवि प्रभावित हो।
नोट: धनराशि और अन्य अनियमितताओं से जुड़े आरोप इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का जवाब मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जा सकता है।






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