बरेली@bareillylive:बरेली। लखीमपुर खीरी के तिकुनिया कांड की पांचवीं बरसी पर शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों ने बरेली के दामोदर स्वरूप पार्क में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। किसान एकता संघ समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने शहीद किसानों और पत्रकार रमन कश्यप को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने, गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सरकार की ओर से किए गए पुराने आश्वासनों को पूरा करने की मांग उठाई गई। किसान संगठनों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन मंडलायुक्त को सौंपा।
किसान एकता संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. रवि नागर ने कहा कि 3 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया क्षेत्र में हुई हिंसक घटना में चार किसानों और पत्रकार रमन कश्यप की जान चली गई थी। इस मामले में तत्कालीन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा समेत कई लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई हुई थी और मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
पीड़ित परिवारों को नौकरी और घायलों को सहायता देने की मांग
प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में किसान एकता संघ ने कहा कि 4 अक्टूबर 2021 को मृत किसानों के परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था। संगठन ने मांग की कि जिन पात्र परिवारों को अब तक नियुक्ति नहीं मिली है, उन्हें नियमानुसार जल्द सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही घटना में घायल किसानों के लिए घोषित आर्थिक सहायता की स्थिति स्पष्ट करने और पात्र घायलों को लंबित मुआवजा देने की मांग की गई।
ज्ञापन में लखीमपुर खीरी कांड की न्यायिक प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने और पीड़ित परिवारों को समयबद्ध न्याय दिलाने की मांग भी की गई। किसान संगठनों ने घटना और किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष समीक्षा कर निर्दोष किसानों को राहत देने की अपील की।
गवाहों और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा पर जोर
डॉ. रवि नागर ने आरोप लगाया कि मामले से जुड़े गवाहों और पीड़ित परिवारों पर दबाव बनाए जाने की आशंका है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। उन्होंने सरकार से गवाहों, पीड़ित परिवारों और शहीद किसानों के परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन में किसान आंदोलन के दौरान सरकार की ओर से किए गए लिखित आश्वासनों को लागू करने और लंबित मांगों पर किसान संगठनों के साथ समयबद्ध वार्ता शुरू करने की अपील की गई। इसके अलावा प्रमुख फसलों के लिए लाभकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, प्रभावी सरकारी खरीद व्यवस्था तथा प्राकृतिक आपदाओं से बर्बाद हुई फसलों का पारदर्शी सर्वे कराकर पर्याप्त मुआवजा देने की मांग भी शामिल रही।
शहीद किसानों की स्मृति में स्मारक बनाने की मांग
किसान संगठनों ने लखीमपुर खीरी में शहीद किसानों की स्मृति में स्मारक स्थापित करने की मांग भी उठाई। सभा में वक्ताओं ने कहा कि किसानों के परिवारों को न्याय और सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही सरकार को आंदोलन के दौरान किए गए वादों को पूरा करना चाहिए। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर देशभर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के माध्यम से किसान संगठनों ने अपनी लंबित मांगों को फिर से प्रमुखता से उठाया।
सभा के बाद किसान प्रतिनिधियों ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और लंबित मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की।






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