आर्यवीर सहवाग को 18 साल की उम्र में दिल्ली की अंडर-19 टीम की कप्तानी सौंपी गई है। वीनू मांकड़ ट्रॉफी के लिए DDCA ने 16 सदस्यीय टीम का ऐलान किया है, जिसमें आर्यवीर कप्तान और अर्नव बुग्गा उपकप्तान होंगे।
पूर्व भारतीय विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग को घरेलू क्रिकेट में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) ने आगामी वीनू मांकड़ ट्रॉफी के लिए दिल्ली की पुरुष अंडर-19 टीम का ऐलान कर दिया है, जिसमें आर्यवीर को टीम की कमान सौंपी गई है।
यह आर्यवीर के लिए बतौर कप्तान किसी बड़ी टीम को लीड करने का पहला बड़ा मौका होगा। टूर्नामेंट की शुरुआत 8 अक्टूबर से विशाखापट्टनम में होगी।
क्यों खास है आर्यवीर को कप्तानी मिलना?
आर्यवीर हाल के दिनों में लगातार अपने प्रदर्शन से सुर्खियों में रहे हैं। पिछले महीने उन्होंने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ भारत की यूथ वनडे सीरीज में डेब्यू किया था।
तीन मैचों की सीरीज में आर्यवीर ने:
- पहले वनडे में 28 रन बनाए।
- दूसरे मुकाबले में 47 रन की पारी खेली।
- तीसरे वनडे में 34 रन बनाए।
- तीन मैचों में कुल 109 रन उनके नाम रहे।
आर्यवीर के पास सीनियर स्तर के टी20 क्रिकेट का अनुभव भी है। वह दिल्ली प्रीमियर लीग में वेस्ट दिल्ली लायंस के लिए खेल चुके हैं। सीनियर खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का अनुभव अब उन्हें अंडर-19 स्तर पर कप्तानी में मदद कर सकता है।
297 रनों की पारी से बटोरी थी सुर्खियां
आर्यवीर ने साल 2024 में कूच बिहार ट्रॉफी में मेघालय के खिलाफ शानदार 297 रन की पारी खेलकर अपनी बल्लेबाजी क्षमता का परिचय दिया था। अपने पिता वीरेंद्र सहवाग की तरह आर्यवीर भी सलामी बल्लेबाज के तौर पर खेलते हैं।
अब दिल्ली अंडर-19 टीम की कप्तानी मिलने के बाद उनके सामने बल्लेबाजी के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता साबित करने की भी चुनौती होगी।
वीनू मांकड़ ट्रॉफी के लिए दिल्ली की 16 सदस्यीय टीम
- आर्यवीर सहवाग (कप्तान)
- तन्मय चौधरी
- अर्नव बुग्गा (उपकप्तान)
- धन्या नकरा
- उदय चावला
- गर्व कुमार
- अभिराज गगन सिंह (विकेटकीपर)
- तरुण सिंह (विकेटकीपर)
- आर्यन शर्मा
- ओजसदीप सिंह
- किरीट कौशिक
- वरुण वंजानी
- रुद्र देव यादव
- प्रद्युम्न सनन
- पार्थ राज
- शांतनु यादव
पहली बार बड़ी टीम की कप्तानी
आर्यवीर के लिए यह कप्तानी अपने क्रिकेट करियर में एक अहम पड़ाव है। अभी वह 19 साल के होने वाले हैं और इतने कम उम्र में दिल्ली जैसी मजबूत क्रिकेट टीम की कमान मिलना उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी है।
अब नजरें इस बात पर होंगी कि आर्यवीर बल्लेबाजी में प्रदर्शन करने के साथ कप्तान के तौर पर दिल्ली की युवा टीम को वीनू मांकड़ ट्रॉफी में कितनी दूर तक ले जा पाते हैं।










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