बरेली की कंपनी अगले 10 साल में खाद्य तेल, डेयरी, कृषि अनुसंधान और विनिर्माण क्षेत्र में करेगी निवेश; पहले चरण में ₹1,500 करोड़ से बनेगा सूरजमुखी तेल संयंत्र, अप्रैल 2027 तक शुरू करने की योजना।
नई दिल्ली/बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित खाद्य तेल कंपनी बीएल एग्रो (BL Agro) ने वैश्विक बाजार में विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी अगले 10 वर्षों में तंजानिया में खाद्य तेल, डेयरी, कृषि, अनुसंधान और विनिर्माण क्षेत्रों में करीब 7,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह योजना वर्ष 2030 तक 30,000 करोड़ रुपये का समूह बनने के कंपनी के लक्ष्य का हिस्सा है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक आशीष खंडेलवाल के मुताबिक, इस निवेश का उद्देश्य तंजानिया में दीर्घकालिक साझेदारियां विकसित करना और भारतीय तकनीक, विशेषज्ञता तथा औद्योगिक अनुभव को स्थानीय बाजार तक पहुंचाना है। कंपनी की योजना स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर रोजगार के अवसर बढ़ाने और कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूत करने की भी है।

पहले चरण में ₹1,500 करोड़ से बनेगा खाद्य तेल संयंत्र
बीएल एग्रो तंजानिया में पहले चरण के तहत करीब 1,500 करोड़ रुपये के निवेश से खाद्य तेल प्रसंस्करण परिसर स्थापित करेगी। इस संयंत्र की प्रस्तावित प्रसंस्करण क्षमता प्रतिदिन 1,100 टन होगी। स्थानीय स्तर पर सूरजमुखी के बीजों की उपलब्धता को देखते हुए संयंत्र में मुख्य रूप से सूरजमुखी तेल का उत्पादन किया जाएगा।
कंपनी की योजना इस संयंत्र को अप्रैल 2027 तक चालू करने की है। यहां उत्पादित तेल को कंपनी अपने नरिश (Nourish) ब्रांड के तहत बाजार में बेचेगी।
आशीष खंडेलवाल के अनुसार, तंजानिया में खाद्य तेल की दैनिक मांग करीब 1,100 टन है। शुरुआती चरण में कंपनी का उत्पादन स्थानीय बाजार की जरूरतों को पूरा करने पर केंद्रित रहेगा। फिलहाल भारत में इन उत्पादों को भेजने की योजना नहीं है। भविष्य में पड़ोसी देशों में भी कारोबार बढ़ाने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
7 लाख हेक्टेयर जमीन 99 साल के पट्टे पर देने की योजना
तंजानिया को पहला विदेशी निवेश गंतव्य चुनने के पीछे वहां उपलब्ध कृषि भूमि, अनुकूल जलवायु और क्षेत्रीय बाजारों तक पहुंच को प्रमुख वजह माना जा रहा है। कंपनी के मुताबिक, तंजानिया सरकार रियायती दरों पर सात लाख हेक्टेयर भूमि 99 साल के पट्टे पर उपलब्ध करा रही है। कृषि और पशुपालन गतिविधियों के लिए प्रस्तावित भूमि के एक हिस्से में सरकार संयुक्त उद्यम भागीदार के रूप में भी शामिल होगी।
तंजानिया की भौगोलिक स्थिति भी कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है। देश में कई बंदरगाह हैं और इसके जरिये आसपास के सात देशों तक व्यापारिक पहुंच बनाई जा सकती है। इससे भविष्य में कृषि उत्पादों और खाद्य तेल की आपूर्ति का दायरा बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
डेयरी क्षेत्र में ₹2,000 करोड़ का निवेश, गिर नस्ल पर रहेगा फोकस
बीएल एग्रो अगले 10 वर्षों में करीब 2,000 करोड़ रुपये तंजानिया में भारतीय गाय प्रजनन और आनुवंशिकी कार्यक्रम लागू करने पर खर्च करने की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य स्थानीय डेयरी उत्पादन और गायों की उत्पादकता में सुधार करना है।
आशीष खंडेलवाल के अनुसार, तंजानिया में एक गाय से प्रतिदिन औसतन 1 से 1.5 लीटर दूध मिलने की जानकारी है, जबकि भारत में यह मात्रा 7 से 8 लीटर बताई गई है। कंपनी भारत से बेहतर आनुवंशिक क्षमता वाली गायों की नस्ल ले जाने की योजना बना रही है।
इस कार्यक्रम में गिर नस्ल की गायों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कंपनी को उम्मीद है कि वैज्ञानिक प्रजनन, बेहतर पशुपालन तकनीक और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रबंधन से दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
तंजानिया में कृषि उत्पादकता बढ़ाने की तैयारी
बीएल एग्रो तंजानिया में कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए भी काम करेगी। कंपनी के मुताबिक, वहां प्रति हेक्टेयर फसल उत्पादन करीब 800 से 900 किलोग्राम है, जबकि भारत में यह औसतन 2 से 2.5 टन तक बताया गया है।
कंपनी स्थानीय स्तर पर कृषि उपकरण, ट्रैक्टर और मशीनों के कलपुर्जे विकसित करने की संभावनाएं तलाश रही है। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम करना और स्थानीय विनिर्माण क्षमता को बढ़ावा देना है। कृषि उपकरणों के निर्माण और बिक्री के लिए कुछ कंपनियों के साथ बातचीत भी चल रही है।
कृषि अनुसंधान, बेहतर तकनीक और आधुनिक उपकरणों के जरिये फसल उत्पादन बढ़ाना कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा होगा।
निवेश के लिए आंतरिक कमाई, कर्ज और आईपीओ पर विचार
कंपनी इस विस्तार योजना के शुरुआती निवेश को अपनी आंतरिक कमाई से पूरा करने की तैयारी में है। इसके साथ ही बैंक ऋण लेने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। कंपनी की प्राथमिकता रियायती दरों पर वित्त उपलब्ध कराने की होगी।
इसके अलावा, शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना भी भविष्य में पूंजी जुटाने का एक संभावित विकल्प है। हालांकि, आशीष खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि कंपनी के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की योजना अभी शुरुआती विचार के स्तर पर है।
तंजानिया ने प्रस्ताव का किया स्वागत
भारत में तंजानिया की उच्चायुक्त अनीसा के. म्बेगा ने बीएल एग्रो की निवेश योजना का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव तंजानिया में कृषि, खाद्य तेल, डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की व्यापक संभावनाओं को दर्शाता है।
उनके अनुसार, इस सहयोग से आधुनिक तकनीक आएगी, रोजगार के अवसर पैदा होंगे, कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन को गति मिलेगी। इससे किसानों को सशक्त बनाने और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
बीएल एग्रो का यह निवेश भारत और तंजानिया के बीच कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। हालांकि, परियोजना की वास्तविक प्रगति भूमि आवंटन, वित्तपोषण, निर्माण और परिचालन संबंधी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।






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