प्रो. आनंद लखटकिया की चित्रकला प्रदर्शनी का भव्य समापन

@bareillylive : प्रसिद्ध चित्रकार और बरेली कॉलेज में ड्राइंग और पेंटिंग के विभागाध्यक्ष प्रो. आनंद लखटकिया की चित्रकला प्रदर्शनी का समापन समारोह बरेली कॉलेज में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुखदेवा नंद विश्वविद्यालय शाहजहांपुर के कुलपति प्रो. पी. बी. सिंह तथा बरेली कॉलेज, बरेली के प्राचार्य प्रो. ओ. पी. राय रहे। दोनों गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर प्रदर्शनी का समापन किया। इस अवसर पर कला प्रेमियों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों तथा समाज के गणमान्य नागरिकों की भारी उपस्थिति देखी गई।

प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान कुलपति प्रो. पी. बी. सिंह ने प्रो. आनंद लखटकिया द्वारा निर्मित प्रत्येक चित्र को ध्यान से देखा और उनकी कलात्मक दृष्टि, रंग-संयोजन, रेखांकन तथा विषयवस्तु के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने लखटकिया की कला की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके चित्रों में संवेदनशीलता, सौंदर्यबोध और समाज के प्रति गहरी चिंता स्पष्ट रूप से झलकती है। कुलपति ने कहा कि मेरी अभिलाषा है कि प्रो. लखटकिया अपनी इस कला को देश-विदेश के विभिन्न शहरों में प्रदर्शित करें, ताकि उनकी कला की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो सके।

प्रो. पी. बी. सिंह ने आगे कहा कि प्रो. लखटकिया अपनी इस कलात्मक उपलब्धि से न केवल ललित कला विभाग की गरिमा बढ़ा रहे हैं, बल्कि बरेली कॉलेज की सांस्कृतिक और शैक्षणिक प्रतिष्ठा को भी समाज में नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। उनके चित्रों के माध्यम से युवा पीढ़ी को कला एवं सौंदर्यबोध की प्रेरणा मिलती है।

इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. ओ. पी. राय ने कुलपति महोदय से प्रो. लखटकिया के कलात्मक कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि लखटकिया जी की चित्रकला में मूल भारतीय संस्कृति, लोकजीवन और मानवीय भावनाओं का सुंदर समन्वय दिखाई देता है। उनकी कला निरंतर प्रयोगशीलता और सृजनात्मकता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रो. मंजुला चतुर्वेदी ने प्रो. आनंद लखटकिया को बनारस में एकल चित्र प्रदर्शनी आयोजित करने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि बनारस जैसे सांस्कृतिक नगर में उनकी कला को व्यापक प्रशंसा एवं प्रोत्साहन मिलेगा। उनके इस आमंत्रण को प्रदर्शनी की सफलता का प्रतीक माना गया।

समारोह के अंत में प्रो. आनंद लखटकिया तथा एस. त्रिपाठी ने उपस्थित मुख्य अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अतिथियों के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से कलाकारों को नई ऊर्जा मिलती है। इस अवसर पर मुख्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए।
प्रदर्शनी के समापन अवसर पर उपस्थित दर्शकों ने प्रो. लखटकिया के चित्रों की सराहना की और उनकी कला के भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम ने यह सिद्ध किया कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक चेतना जागृत करने का शक्तिशाली साधन है।

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