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जुलूसे मोहम्मदी 11 दिसम्बर को, डीजे और कव्वाली पर रहेगी रोक

julus-e-mohammadiबरेली। जुलूसे मोहम्मदी के दौरान दूसरे धार्मिक स्थलों का अदब करें और किसी भी तरह की बेेहूदगी न करें। पुराने शहर से 11 दिसम्बर को अन्जुमन इत्तेहादुल मुस्लिमीन के तत्वावधान में निकलने वाले जुलूसे मोहम्मदी के आयोजकों ने सभी अन्जुमनों से अपील करते हुए कहा है कि जुलूस में डीजे ट्रैक्टर पूर्व की भांति प्रतिबंधित हैं। शरई नातों की इजाजत है और कव्वाली आदि पर रोक रहेगी। राजनीतिक बैनर लेकर चलने वालों को अनुमति नहीं है।

उन्होंने अपील करते हुए कहा हे कि कोई ऐसा नारा न लगायें जिससे दूसरे समुदाय के लोगों की भावना को चोट पहंुचने की आशंका हो। कहा कि इस जुलूस के दौरान दूसरे धार्मिक स्थलों का मान बढ़ायें किसी तरह के नारे स्थलों के आस पास न लगायें। जुलूस के दौरान जरूरतमंदो को भी निकलने का रास्ता दें। पुराने शहर से 42 वें जुलूस में 120 अन्जुमने शामिल होगी। जुलूस का आगाज कलाम पाक की तिलावत से होगा।

डा. शकील मिस्वाही खुसूसी खिताब करेंगे और पैगम्बरे इस्लाम के जीवन पर प्रकाश डालेंगे। जुलूस के समापन पर पुरस्कार वितरण होगा। यह जुलूस दिन में 2ः30 बजे मुन्ना खां के नीम छह मिनारा से शुरू होगा। आयोजक अन्जुमन के सरपरस्त प्रो. जाहिद खां, नवाब मुजाहिद खां ने पहली बार पांस सदस्यीय निणायक मंडल स्वयं गठित किया है और इसी के फैसले पर पुरस्कार विवरण किये जायेंगी। जिसका जुलूस कमेटी से कोई मतलब नहीं है। अखाड़े, स्टंट पर भी पूरी तरह रोक है। सुबह को कुरान ख्वानी होगी उसके बाद मरहूम पदाधिकरियों व रजाकार को श्रद्धांजलि अर्पित की जायेगी।

जुलूस में महिलाओं व लड़कियों के आने पर पूरी तरह प्रतिबंध है चाहे वह परदे में ही क्यों न हांे। जुलूस की कयादत दरगाहे तहसीनियां के सज्जादा नशीन हजरत हस्सान रज़ा खंा उर्फ हस्सान मियां और अपने दस्ते मुबारक से करम चिश्ती को परचम सौंप कर रवाना करेंगे। जानकरी देने वालों में इमशाद हुसैन, हाफिज नियाज अहमद, अन्जुम शमीम, निहान हुसैन, अब्दुल सनव्वर,यामीन अहमद, मो. उस्मान, हाजी जाफर ,अनवर हुसैन आदि मौजूद रहे।

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