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Sovereign gold bond : सरकार सस्ते दाम पर बेच रही सोना, इस तारीख से शुरू होगी बिक्री, ये हैं फायदे

नई दिल्ली। सोना हजारों वर्षों से मनुष्य को लुभाता रहा है और निवेश का सबसे लोकप्रिय तरीका रहा है। लेकिन, बढ़ते अपराधों के कारण घर में सोना रखना खतरे को आमंत्रण देना है। ऐसे में सरकार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम (Sovereign gold bond scheme) के जरिये सस्ते में सोने में निवेश का मौका दे रही है। इसमें आप सोने में निवेश करेंगे पर वह वास्तव में आपके पास नहीं रहेगा और स्कीम का समय पूरा होने पर आपको वही लाभ मिलेगा जो इस सोने को बेच कर होता।

इस स्कीम के तहत 31 अगस्त 2020 से सोने में निवेश का मौका मिल रहा है। यह मौका ऐसे समय में आया है जब सोने की कीमत रिकॉर्ड ऊंचे स्तर से करीब 5 हजार रुपये गिर चुकी है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) 31 अगस्त को सॉवरेन गोल्ड बांड स्कीम का छठा चरण लांच कर रहा है जिसमें 4 सितंबर तक निवेश किया जा सकेगा। इसके लिए आरबीआइ ने 5,117 रुपये प्रति ग्राम का भाव रखा है।  डिजिटल माध्यम से आवेदन और भुगतान करने पर 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट भी दी जाएगी। ऐसे निवेशकों के लिए बांड के तहत प्रभावी भाव 5,067 रुपये प्रति ग्राम होगा।

नई सीरीज के गोल्ड बांड 8 सितंबर को इश्यू कर दिए जाएंगे। इस स्कीम के तहत सबसे छोटा बांड एक ग्राम के सोने के बराबर होगा। कोई भी निवेशक एक वित्त वर्ष में अधिकतम 500 ग्राम के बराबर गोल्ड बांड खरीद सकता है। कुल मिलाकर व्यक्तिगत तौर पर बांड खरीदने की सीमा चार किलोग्राम है। ट्रस्ट या संगठन के मामले में यह सीमा 20 किलोग्राम तय की गई है।

क्या होता है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड

सरकार ने फिजिकल गोल्ड की मांग में कमी लाने के लिए नवंबर 2015 में यह स्कीम शुरू की थी। इसमें निवेशकों को सोने में रुपये निवेश करने का मौका मिलता है लेकिन इसके लिए फिजिकल फॉर्म में सोना रखने की जरूरत नहीं होती। इस योजना में निवेशकों को प्रति यूनिट गोल्ड में निवेश का मौका मिलता है जिसकी कीमत सोने के बाजार मूल्य से जुड़ी होती है। बॉन्ड के मैच्योर होने पर इसे नकदी में भुनाया जा सकता है। साथ ही साथ एक खास फायदा यह है कि गोल्ड बॉन्ड पर ढाई प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज भी मिलता है। 

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में ये कर सकते हैं निवेश

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में भारतीय नागरिक, हिंदू अविभाजित परिवार, ट्रस्ट, विश्वविद्यालय और चैरिटेबल इंस्टीट्यूट्स गोल्ड बॉन्ड खरीद सकते हैं। यह बॉन्ड आठ साल के लिए जारी किया जाता है। हालांकि पांचवें साल के बाद निवेशक को इस बॉन्ड स्कीम से बाहर निकलने का विकल्प मिलता है। यह गोल्ड बॉन्ड कमर्शियल बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन, डाकघरों और स्टॉक एक्सचेंज बीएसई और एनएसई द्वारा बेचा जाता है।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड ये भी हैं फायदे 

अगर आप सोने में निवेश करना चाहते हैं तो सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सबसे बेहतर विकल्प है। इस स्कीम के तहत निवेशक 999 गुणवत्ता वाला गोल्ड बॉन्ड खरीदते हैं। यानी ग्राहद द्वारा उच्च क्वालिटी का सोना खरीदा जाता है। साथ ही फिजिकल गोल्ड को रखने के लिए ग्राहक को लॉकर आदि पर खर्च करना पड़ता है लेकिन गोल्ड बॉन्ड बिना किसी खर्च के अत्यधिक सुरक्षित होता है। साथ ही जब ग्राहक गोल्ड बॉन्ड को बेचने जाते हैं तो किसी तरह का मेकिंग चार्ज आदि नहीं काटा जाता है।

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