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प्राइमरी शिक्षा का हाल : प्रधानाध्यापक को डीएम का नाम पता नहीं, Hear माने बाल

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आँवला ( बरेली ) । सरकार अपनी योजना से लेकर शिक्षकों की भर्ती तक में क्वालिटी एजुकेशन की बात कहती है। इसके बावजूद प्राइमरी शिक्षा की हालत दयनीय होती जा रही है। शिक्षकों को अपने जिले के डीएम तक का नाम नहीं मालूम, बच्चों को सामान्य ज्ञान कैसे पढ़ाते होंगे।

बुधवार को आंवला क्षेत्र के ग्राम नगरिया सतन के प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण एसडीएम विशु राजा ने किया। इस दौरान विद्यालय में मौजूद प्रधानाध्यापक पूजा मिश्रा ने उनसे अभद्रता कर डाली। एसडीएम के पूछने पर वह जिले के डीएम तक का नाम नहीं बता सकीं। इतना ही नहीं बरेली मण्डल के अन्तर्गत आने वाले जिलों की संख्या व नाम तक उनको नहीं पता थे।

जब विशुराजा ने उपस्थिति पंजिका देखी तो शिक्षामित्र के हस्ताक्षर रजिस्टर पर थे, पर वह विद्यालय में मौजूद नहीं थी। इस पर प्रधानाचार्य काई स्पष्ट जबाब नहीं दे सकी। वहां मौजूद सहायक अध्यापिका दीपशिखा भी उपजिलाधिकारी के सवालों को टालमटोल करती रहीं। इसके अलावा ब्लैकबोर्ड पर Hear का हिन्दी अर्थ बाल लिखा था। विद्यालय में पंतीकृत विधार्थियों में से बहुत ही कम कक्षाओं में मौजूद थे।

विद्यालय परिसर में व्याप्त गंदगी देख उपजिलाधिकारी विफर पड़े। मिड-डे मील की जानकारी मांगने पर प्रधानाचार्य बगलें झांकने। इस पर उपजिलाधिकारी ने खण्ड शिक्षा अधिकारी से फोन पर कहा कि यहां व्याप्त अनियमितताओं की रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजें। वह आवश्यक कार्यवाही के लिए कहेंगे।

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