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लद्दाख के चुमार-डेमचोक इलाके में पकड़ा गया चीनी सैनिक, मिले अहम दस्तावेज

नई दिल्ली/बीजिंग। भारतीय सेना ने लद्दाख के चुमार-डेमचोक इलाके में डेमचॉक इलाके से एक चीनी सैनिक को पकड़ा है। यह सैनिक चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) में कॉरपोरल के पद पर तैनात है। उसके पास से अहम दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। सुरक्षाबल उससे पूछताछ कर रहे हैं। इस सैनिक के पकड़े जाने के बाद से ही बार-बाद जंग की धमकी देने वाली चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और सरकार के भोंपू अखबार ग्लोबल टाइम्स के सुर नरम पड़ गए हैं। उसने लिखा है कि भारत सीमा पर खोए इस सैनिक को जल्द ही लौटा सकता है। इससे दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ेगा।

सूत्रों के अनुसार, यह चीनी सैनिक भारतीय सीमा में पकड़ा गया है। सूत्रों ने आगे कहा, ”हो सकता है कि यह सैनिक अनजाने में भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर गया हो। पूरी प्रक्रिया का पालन करने के बाद उसे स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार चीनी सेना को वापस किया जाएगा।”

उधर एक दिन पहले तक भारत को अति आत्मविश्वासी और अमेरिका के इशारों पर चलने वाला बताने वाले ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि चीन और भारत सैनिक के वापसी के मुद्दे पर लगातार बातचीत कर रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच सैनिक की वापसी को लेकर जारी संवाद सकारात्मक दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है। चीन और भारत पहले इस मामले पर एक समझौते पर पहुंचे हैं और अब दोनों पक्ष इस मुद्दे को सुलझाने की ओर बढ़ रहे हैं।

सैनिक की वापसी से नहीं होंगे नए संघर्ष

ग्लोबल टाइम्स ने अपना सुर नरम करते हुए कहा कि सैनिक की वापसी से सीमावर्ती क्षेत्रों में नए संघर्ष नहीं होंगे। इससे मामला सुलझने से द्विपक्षीय वार्ता में नई प्रगति का संकेत मिलेगा। चीन और भारत इसके कई हिस्सों के साथ अलग-अलग कारणों से निर्जन सीमा साझा करते हैं। संकेतक या उचित उपकरण के बिना इन इलाकों में खो जाना आम बात है।

सही प्रक्रिया का पालन कर रहे दोनों देश

चीनी की सरकारी मीडिया ने सिंघुआ विश्वविद्यालय में नेशनल स्ट्रेटजी इंस्टीट्यूट में अनुसंधान विभाग के निदेशक कियान फेंग के हवाले से दावा किया कि दोनों पक्षों के खोए हुए सैनिकों से संबंधित कई ऐसी ही घटनाएं पहले भी हुई हैं। एक लापता सैनिक के दूसरी ओर से पाए जाने के बाद की सामान्य प्रक्रियाओं में उसकी पहचान की पुष्टि करना, आवश्यक जांच करना और दूसरी तरफ को शामिल करना शामिल है।

बातचीत पर नहीं पड़ेगा कोई असर

विशेषज्ञों ने ग्लोबल टाइम्स से कहा कि चीन और भारत ने अब तक इस घटना से निपटने के लिए सही प्रक्रिया का पालन किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस घटना से दोनों पक्षों के बीच जारी बातचीत पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। दोनों पक्ष मिलकर इस घटना को सुलझाने और लापता सैनिकों को वापस भेजने के लिए काम कर रहे हैं। हालांकि, सीमा विवाद के कारण दोनों देशों में तनाव अब भी जारी है।

सातवें दौर की बातचीत को बताया सकारात्मक

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि चीन और भारत ने पिछले सप्ताह वरिष्ठ कमांडरों की बैठक के 7वें दौर को पूरा किया है। इसके बाद चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि बैठक सकारात्मक और रचनात्मक थी और दोनों पक्षों की समझ में वृद्धि हुई थी। प्रवक्ता ने कहा कि दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के पश्चिमी क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ विघटन पर विचारों का गहराई से और रचनात्मक आदान-प्रदान किया। ऐसी घटनाओं में बड़ा दिल दिखाने से विवाद को सुलझाने में मदद मिलेगी।

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