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हाथरस मामला : पॉलीग्राफ टेस्ट में खुला मुख्य आरोपित संदीप का झूठ, घटनास्थल के आस-पास ही मिली लोकेशन

हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के चर्चित बूलगढ़ी कांड में जेल में बंद चारों आरोपितों का सीबीआई ने पॉलीग्राफ टेस्ट कराया था लेकिन संदीप पॉलीग्राफ टेस्ट में खरा नहीं उतर सका। कई सवालों को उसने गलत जबाव दिए और कुछ सवाल संदेह के घेरे में रहे।  घटना के बाद से ही वह अपनी मौजूदगी पिता के साथ घर के बाहर बता रहा था, जबकि पॉलीग्राफ टेस्ट में उसका घटनास्थल के आस-पास ही होना पाया गया है। मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी। 

पीड़ित युवती पर 14 सितंबर 2020 को हमला हुआ था। तभी से चारों आरोपित खुद को अलग-अलग स्थानों पर बता रहे थे। इनमें से रामू, लवकुश और रवि का झूठ सीबीआइ ने कॉल डिटेल खंगालते समय पकड़ लिया था। 67 दिन की जांच के बाद 18 दिसंबर को विशेष न्यायालय एससी/एसटी एक्ट में सौंपे गए आरोप पत्र में इसका उल्लेख किया गया है। कॉल डिटेल का हवाला देते हुए तीनों को घटनास्थल के आसपास बताया गया है।

जांच एजेंसी ने अपनी विवेचना में चारों को दोषी मानते हुए आरोपित बनाया है पॉलीग्राफ टेस्ट की बात करें तो मुख्य आरोपित संदीप ठाकुर संदेह के घेरे में रहा। कुछ सवालों के जबाव उसने ठीक से नहीं दिए, जबकि कुछ सवालों के जबाव संदेह पैदा कर गए। इस मामले की सुनवाई एडीजे एससी/एसटी एक्ट कोर्ट में चल रही है।

आरोप पत्र के बाद पहली बार अदालत में पेश

सामूहिक बलात्कार मामले में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने के बाद कुछ दिन पहले ही इस प्रकरण के चारों आरोपितो को अदालत में पेश किया था। चंदपा के गांव बूलगढ़ी की बिटिया के साथ 24 सितंबर को हुई वारदात के मामले में सीबीआई जांच कर रही थी। 18 दिसम्बर को सीबीआई ने इस पूरे मामले में संदीप, रामू, रवि और लवकुश को गैंगरेप का दोषी मानते हुए अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बुधवार को सुबह 10 बजे कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए। करीब बारह बजे चारों आरोपितों को जिला कारागार अलीगढ़ से भारी सुरक्षा के बीच अदालत लाया गया। सभी को एक साथ अदालत परिसर में बने बंदीगृह में कैद कर दिया गया। उसके बाद चारों को एडीजे विशेष न्यायाधीश बीडी भारती के समक्ष पेश किया गया। आरोपितों की ओर से उनके अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुण्डीर को सीबीआई की चार्जशीट और पूरी केस डायरी दी गई। सुनवाई के बाद चारों को पुलिस गाड़ी से जिला कारागार अलीगढ़ ले जाया गया। उनके अधिवक्ता पुण्डीर के मुताबिक इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 जनवरी की तारीख नियत की गई है।

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