The Voice of Bareilly since 2010

कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्‍सेस देने के बदले में पाकिस्तान ने रखीं 2 शर्तें

कुलभूषण जाधव,Kulbhushan Jhadav,consular access,Pakistan,पाकिस्‍तान,भारत ,

इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के फैसले के अनुसार राजनयिक पहुंच देने का फैसला किया है। पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, शुक्रवार को जाधव को राजनयिक पहुंच दी जाएगी। इंटरनेशनल कोर्ट में मात खाने के बाद भी पाक‍िस्‍तान अपनी फि‍तरत से बदलने को तैयार नहीं है।

वह कुलभूषण जाधव को काउंसलर एक्‍सेस देने को तैयार तो हो गया है लेकिन उसने भारत के सामने दो शर्तें रख दी हैं। पहली, काउंसलर एक्‍सेस के दौरान एक पाकिस्‍तानी अधिकारी वहां पर मौजूद रहेगा। जाहिर है उसकी कोशिश जाधव पर दबाव बनाने की होगी। उसकी दूसरी शर्त है कि जहां पर काउंसलर एक्‍सेस की प्रक्र‍िया की जाए, वहां पर सीसीटीवी कैमरा लगा हो।
बता दें कि इस मामले में पाक‍िस्‍तान लगातार झूठ बोलता रहा है। वह कई अनर्गल आरोप लगाता रहा है। यहां तक कि जब जाधव का परिवार उनसे मिलने के लिए गए तो पाक‍िस्‍तानी अधिकारियों ने उनके गहने तक उतरवा लिए थे।

पाक‍िस्‍तान को भारत की प्रत‍िक्र‍िया का इंतजार

पाक‍िस्‍तानी अध‍िकारी ने कहा, पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायोग को सूचित कर दिया है और उसकी औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है। जुलाई के अपने फैसले में आईसीजे ने जाधव को कथित जासूसी व आतंकवाद के आरोप में पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा मिली मौत की सजा में तो कोई बदलाव नहीं किया था, मगर अदालत ने पाकिस्तान से कहा था कि वह जाधव को उनके अधिकारों की तुरंत जानकारी दे। इसमें कहा गया था कि जाधव को वियना संधि के अनुच्छेद-36 के तहत सूचित करने के साथ राजनयिक पहुंच प्रदान की जाए।

इसी के साथ आईसीजे ने अपने फैसले में पाकिस्तान को जाधव को दी गई सजा की प्रभावी समीक्षा और इस पर पुनर्विचार सुनिश्चित करने के लिए भी कहा था। पाकिस्तान को निर्देश दिया गया कि वह तुरंत प्रभाव से अनुच्छेद-36 के तहत जाधव को उनके अधिकारों के बारे में सूचित करे और भारतीय राजनयिक पहुंच प्रदान करे और फिर मामले की समीक्षा भी करे।

वियना संधि के अनुच्छेद-36 में कहा गया है कि अगर किसी विदेशी नागरिक को कोई देश अपनी सीमा के अंदर गिरफ्तार करता है तो संबंधित देश के दूतावास को बिना किसी देरी के तुरंत इसकी सूचना देनी पड़ेगी। हिरासत और परीक्षण के दौरान उसे अपने वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों के साथ नियमित परामर्श का अधिकार होना चाहिए।

error: Content is protected !!