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बरेली समाचार- “भागती दौड़ती ज़िंदगी और तनावपूर्ण जीवन कैंसर का कारण”

बरेली। “मनुष्य आज अपनी दिनचर्या और जीवनशैली के कारण ही गंभीर बीमारियों से जूझ रहा है। युवाओं में मधुमेह, रक्तचाप, मोटापा, बांझपन, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां पनप रही हैं जिसका मुख्य कारण अनियमित और अनियंत्रित खानपान है, क्योंकि आज हमारी पारंपरिक जीवन शैली बदल गयी है। आज के वक़्त की एक्टिव जीवनशैली में बाहर खाना, गलत वक़्त पर खाना, धूमपान, शराब, देर रात पार्टी करना शामिल हैं जिसके चलते युवाओं का शरीर बीमारियों का अड्डा बन जाता है।”

रोटरी भवन में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में पारस हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ रंगा राव ने यह जानकारी दी। यह कार्यक्रम रोटरी क्लब ऑफ बरेली सेंट्रल और रोटरी क्लब ऑफ़ गुरुग्राम (कुतब एन्क्लेव) द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे आईजी पुलिस बरेली रमित शर्मा।

डॉ रंगा राव ने बताया कि भारत तीन प्रकार के कैंसर सबसे ज़्यादा होते हैं। पहला ब्रेस्ट या स्तन कैंसर जो हर साल लगभग 2 लाख महिलाओं में होता है जिनमें से 40 प्रतिशत की मौत हो जाती है। दूसरा बच्चेदानी का कैंसर। ये भी लगभग इतनी ही महिलाओं में हर साल होता है। तीसरा मुँह का कैंसर जो अधिकतर पान मसाला चबाने से होता है। उसी प्रकार सिगरेट के धुएं से फ़ेफ़डों का कैंसर होता है। महिलाओं में तो ये अधिक घातक होता है। कैंसर एक आतंकवादी की तरह हमारे शरीर मे घुस कर उसे बर्बाद कर देता है।

सबसे बड़ी बात तो यह है कि कैंसर का पता तीसरी या चौथी स्टेज में आकर लगता है, तब ईलाज़ मुश्किल हो जाता है। दरअसल शुरुआत में कैंसर के कोई लक्षण इंसान में नहीं दिखते, 2 स्टेज के बाद ही दिखते हैं।

डॉ पीयूष ने बताया कि महिलाओं को अपनी मैमोग्राफी जांच समय-समय पर कराते रहना चाहिए जिससे स्तन कैंसर का पता समय से लग जाये और इलाज़ हो सके सिगरेट के धुएं से आसपास मौजूद लोगों को भी ख़तरा रहता है। धूमपान भी कम करना चाहिए, अधिक तंबाकू सेवन से भी बचना चाहिये। एल्कोहल यानी शरबा का सेवन भी कम करना चाहिए क्योंकि शराब का इलाज मुश्किलहोने के साथ-साथ खर्चीला भी है।

रोटरी क्लब गुड़गांव की अध्यक्ष मीता घोष ने कहा कि सभी रोटेरियन यदि ये मकसद बना लें कि हमें अपने सभी जानने वालों का नियमित चेकअप करवाना है ताकि सबकी ये आदत बन जाये और बीमारियों का पता समय रहते लग जाये और उन्हें फ़ायदा हो। उन्होंने कहा कि उनके पिताजी का निधन लिवर कैंसर से हुआ था इसलिए वह इसकी तकलीफ़ समझती हैं और नहीं चाहतीं कि कोई इससे गुज़रे।

कार्यक्रम के अंत मे वोट ऑफ़ थैंक्स रोटेरियन निखिल अग्रवाल द्वारा दिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसी परिचर्चाएँ होती रहनी चाहिए ताकि जागरूकता बनी रहे।

मंचासीन अथितियों में रोटेरियन आलोक प्रकाश, रोटेरियन मीता घोष, रोटेरियन राजीव गोयल, डॉ रंगा राव, डॉ अंशु गर्ग, डॉ सुजाये मुखर्जी शामिल थे। कार्यक्रम में अतुल कपूर, विशाल मेहरोत्रा, आशु अग्रवाल, भरत केवलानी, राजीव खुराना, पंकज मिश्रा, अजय राज शर्मा, अमित कंचन, आलोक प्रकाश, सारिका सक्सेना, शैली गोयल, मोनिका गर्ग, रुचि मलिक, सोनल शर्मा आदि मौजूद रहे।

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