भमोरा (बरेली)। दहेज के लिए पति हैवान बन गया। जिसके साथ तीन साल पहले जीने-मरने की कसमें खायी थीं, सात जन्म साथ निभाने का वादा किया था, अपने परिवार वालों के साथ मिलकर उसकी ही हत्या कर शव जला दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने चिता से अधजला शव निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। युवती के पिता की तहरीर पर पति व आठ अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपित फरार हैं जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

बदायूं के चंदोखर गौंटिया थाना सिविल लाइन निवासी कुंवर पाल मौर्य पुत्र भूपाल मौर्य ने बताया कि उसने तीन साल पहले अपनी छोटी बेटी अंगूरी देवी की शादी ग्राम हिम्मतपुर ताहरपुर निवासी यशपाल पुत्र रामचरन के साथ की थी। कुछ समय तक सबकुछ सही रहा पर बाद में ससुराली अंगूरी देवी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। रक्षाबंधन पर मायके आने पर अंगूरी देवी ने आपबीती सुनाई। गुरुवार को पति यशपाल बुलाने पहुंचा पर अंगूरी देवी ने ससुराल जाने से मना कर दिया। इस पर ताऊ रामजीमल और पिता कुंवरपाल ने अंगूरी देवी को समझाया कि सात आठ-दिन बाद गणेश चौथ पर दोबारा बुला लायेंगे, साथ ही दामाद को भी काफी समझया और कहा कि भविष्य में धीरे-धीरे और दहेज दे देंगे। इस पर अंगूरी देवी पति यशपाल के साथ ससुराल चली गयी। शुक्रवार सुबह 10 बजे ग्रामीणों की सूचना पर मायके वाले हिम्मतपुर ताहरपुर गांव पहुंचे तो पुलिस अंगूरवती का अधजला शव चिता से निकाल रही थी। सूचना मिलने पर सीओ आंवला रामप्रकाश ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने अंगूरी देवी के पति यशपाल, सास, देवर राजू, जेठ सुशील और बड़ी ननद शकुतंला के साथ ही हत्या कर शव ठिकाने लगाने में मदद करने के आरोप में उमेश पुत्र कालीचरन, रामसरन पुत्र गोकिल प्रसाद, चन्द्रबाबू पुत्र भगवान स्वरूप और कमल पुत्र कालीचरन के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
परिवार की महिलाओं का रो रोकर बुरा हाल
अपनी लाडो की हत्या की सूचना पर उसकी ससुराल पहुंची दादी फूला देवी और चाची कलावती का रो-रोकर बुरा हाल था। अंगूरी देवी की मां का कई साल पहले निधन हो चुका है। बड़ी बहन प्रीति की शादी भमोरा थाना क्षेत्र में ही सांकरपुर में हुई है। अंगूरी देवी की फुफेरी बहन सुनीता यशपाल के बड़े भाई सुनील को ब्याही है। इसी के चलते अंगूरी देवी की शादी कर दी गई। अंगूरी देवी के पिता खेती और मजदूरी कर परिवार का पेट पालते हैं। उसका एक ही भाई हरीश है।





