The Voice of Bareilly since 2010

“रामायण” के रचियता ‘आदि कवि वाल्मीकि जी’ की शोभायात्रा का हुआ जगह-जगह स्वागत

BareillyLive : भगवान वाल्मीकि जी के पावन प्रकट उत्सव के शुभ अवसर पर सिटी सब्ज़ी मण्डी बरेली में संजीव अग्रवाल कैंट विधायक के नेतृत्व में भगवान वाल्मीकि की शोभायात्रा निकाली गयी, जिस में मुख्य अतिथि सांसद श्संतोष गंगवार , शोभायात्रा अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी, स्वागत अध्यक्ष विकास कुमार, अरविंद आनंद, अमरीश कठेरिया, मनोज भारती ने आसमानी झंडा दिखाकर धर्मरथ और समस्त झांकियों को रवाना किया। साथ में शिवा चौधरी, अनूप कुमार वाल्मीकि, सोनू लाल, अनुज एडवोकेट, रणजीत कोठारी, विजय वाल्मीकि, पुनीत वंशज, सिद्धार्थ कुमार, अक्कू वाल्मीकि, चंचल वाल्मीकि का रहना हुआ। इस शोभायात्रा का जबरदस्त बरसात में भी जगह जगह स्वागत हुआ, लोगों ने फूल मलाओं, पगड़ी, प्रसाद आदि से यात्रा का स्वागत-सत्कार किया। कार्यक्रम के उपरांत दोनों अध्यक्षों ने पगड़ी व शील्ड देकर सभी का सम्मान किया।

बरेली में निकलने वाली ये शोभायात्रा काफ़ी वर्षों से निकाली जाती है वाल्मीकि समाज द्वारा इस दौरान एक मेले का आयोजन किया जाता है जो तीन दिन तक चलता है, इस दिन को त्योहार के रूप में समाज द्वारा मनाया जाता है जिसमें सब बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं।

इसके प्राचीन परंपरा के विषय में वाल्मीकि समाज से जुड़े शिक्षक ‘अनूप कुमार वाल्मीकि’ बताते हैं कि प्रत्येक वर्ष अश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को महर्षि वाल्मीकि की जयंती मनाई जाती है। वाल्मीकि जी ने संस्कृत के प्रथम महाकाव्य की रचना की थी जो रामायण के नाम से प्रसिद्ध है। रामायण (संस्कृत : रामायणम् = राम + आयणम् ; शाब्दिक अर्थ : ‘राम की जीवन-यात्रा’), वाल्मीकि द्वारा रचित संस्कृत महाकाव्य है जिसमें श्रीराम की गाथा है। रामायण संस्कृत का एक अनुपम महाकाव्य है। इसके २४,००० श्लोक हैं। इसे आदिकाव्य तथा इसके रचयिता महर्षि वाल्मीकि को ‘आदिकवि’ भी कहा जाता है। ‘आदि’ का अर्थ होता है ‘प्रथम’ और ‘कवि’ का अर्थ होता है ‘काव्य का रचयिता’।

error: Content is protected !!