बरेली @BareillyLive. हरूनगला विद्युत उपकेंद्र से जुड़े हजारों विद्युत उपभोक्ताओं को पूरी रात भीषण गर्मी में जागकर रात गुजारने पड़ी। वज़ह थी कि हारूनगला विद्युत उपकेंद्र से संचालित तकरीबन बीस ट्रांसफार्मरों के डीओ ओवरलोडिंग के चलते उड़ जाना। बीती रात करीब 11ः15 पवन बिहार फीडर के ट्रांसफार्मर का डीओ फ्यूज हो गया। एक डेढ़ घंटे इंतजार के बाद जब भीषण गर्मी में विद्युत उपभोक्ताओं के सब्र का बांध टूटा तो उन्होंने हारूनगला विद्युत उपकेंद्र को फोन खटखटाना शुरू किए। पावर हाउस पर फोन बंद था।
जैसे तैसे हजारों विद्युत उपभोक्ताओं ने भीषण गर्मी में रात काटी। सुबह छह बजकर पचास मिनट पर विद्युत पावर हाउस पर फोन किया गया। तब वहां उस वक्त ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी में फोन उठाया और उसने बताया कि क्षेत्र में करीब बीस ट्रांसफार्मरों के डीओ उड़ गए हैं ओवरलोडिंग के चलते। अब जब सुबह का स्टाफ ड्यूटी पर आएगा तब उन्हें भेजकर डीओ बनवाए जाएंगे। करीब एक घंटा लग जाएगा। सुबह सवा सात बजे पवन बिहार फीडर की पूरी रात के बाद विद्युत व्यवस्था सुचारू हुई। तब कहीं जाकर उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली।
उसके बाद सुबह 8ः15 बजे पुनः बिजली चली गई। इस बाबत जानने को जब पुनः पावर हाउस फोन किया गया तो फोन बिजी टोन पर लगा था। विद्युत व्यवस्था समाचार लिखे जाने तक सुचारू नहीं हो पाई थी। विद्युत उपभोक्ता इस बात को लेकर परेशान है कि अगर समय पर बिल ना जमा किया जाए तो फौरन उनकी बिजली काट दी जाती है। लेकिन विद्युत व्यवस्था ध्वस्त होने पर ना तो उसकी कोई जानकारी देने वाला है और ना ही जल्दी कोई ठीक कराने वाला। हर बार स्टाफ कम होने की बात कहकर जिम्मेदार अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।





