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डूबा एक ‘दिनकर’, पंचतत्वों में विलीन हुए डॉ जौहरी, नम आँखों ने किया अंतिम प्रणाम

BareillyLive : शहर विधानसभा से लगातार तीन बार विधायक व कल्याण सिंह सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे 80 वर्षीय डॉ. दिनेश जौहरी का शुक्रवार सुबह निधन हो गया था। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। वहीं आज उनके पार्थिव शरीर को बेटे राहुल जौहरी ने नम आंखों से मुखाग्नि दी और इसी के साथ डॉ. दिनेश जौहरी पंचतत्व में विलीन हो गए। प्रेमनगर स्थित उनके आवास से आज सुबह उनकी अंतिम यात्रा निकली। जिसमें सांसद संतोष गंगवार, महापौर डॉ. उमेश गौतम, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, बहोरन लाल मौर्य समेत तमाम भाजपा और अन्य पार्टी के नेता शामिल हुए। आपको बता दें, साल 1985 में डॉ. दिनेश जौहरी पहली बार भारतीय जनता पार्टी के टिकट से विधायक चुने गए थे। उसके बाद साल 1991 में उन्हें कल्याण सिंह की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया था। वह पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बेहद करीबी नेताओं में शुमार थे।

डॉ. दिनेश जौहरी बरेली शहर में प्रेम नगर इलाके में स्थित अपने आवास में रह रहे थे, उनकी समाजसेवी के रूप में भी एक अच्छी पहचान थी। इसके अलावा डॉ. दिनेश जौहरी बरेली कॉलेज बरेली के बोर्ड ऑफ कंट्रोल के पैटर्न सदस्य भी थे। शुक्रवार को उनका निधन हो गया, जिसकी सूचना मिलने पर चिकित्सा और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। जिसके बाद शहर भर में जगह-जगह उनके निधन पर शोक सभाएं की गईं। साथ ही तमाम नेताओं और परिचितों का उनके आवास पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। वहीं आज सुबह दिवंगत डॉ. दिनेश जौहरी की अंतिम यात्रा निकली गई व सिटी श्मशान भूमि में उनके बेटे राहुल जौहरी ने उन्हें मुखाग्नि दी।

उपजा प्रेस क्लब बरेली के अध्यक्ष डॉ पवन सक्सेना ने डॉ दिनेश जौहरी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज की सुबह एक दुखद समाचार लेकर आयी। लगभग दो दशक से भी ज्यादा वक्त तक बरेली और प्रदेश की राजनीति को प्रभावित करने वाले हम सभी के आदरणीय ड़ा. दिनेश जौहरी जी हमारे बीच नहीं रहे। अपने वक्त के एक सफल डाक्टर, राजनीति में प्रगति के शिखर तक पहुंच कर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री रहे व एक वक्त में मुख्यमंत्री तक के पद के स्वाभाविक उम्मीदवार मान लिए गए ड़ा. जौहरी का राजनीतिक जीवन उतार चढ़ाव से भरा रहा। बेहद मिलनसार व्यक्तित्व वाले आदरणीय ड़ा. जौहरी जी सदैव स्मृतियों में जीवंत रहेंगे। मेरी कई बार उनसे बेहद आत्मीय मुलाकात हुई व आशीर्वाद मिला। ईश्वर इस अपार दुखद को सहने का उनके परिवार को साहस प्रदान करे।

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