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डेविस कप मुकाबलाः भारतीय खिलाड़ियों का पाकिस्तान जाने से इन्कार

नई दिल्ली। भारत के टेनिस खिलाड़ियों ने डेविस कप के मैच के लिए पाकिस्तान जाने से इन्कार कर दिया है। भारतीय टेनिस टीम के सदस्यों ने ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (एआईटीए) को एक पत्र लिखकर कहा है कि वे डेविस कप के मैच के लिए पाकिस्तान नहीं जाएंगे। ऐसे में अब राष्ट्रीय टेनिस संस्था को दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों को देखते हुए इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन (आईटीएफ) को पत्र लिखकर वेन्यू को बदलने की मांग करनी होगी। 

ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन से जुड़े एक सूत्र ने बताया, “भारतीय खिलाड़ी दोनों देशों के बीच पनपे तनाव के कारण पाकिस्तान जाने के लिए तैयार नहीं हैं। हम इंतजार करेंगे कि आइटीएफ क्या कहती है। भारतीय टेनिस टीम ने एआईटीए को भी लिखा है कि यह मुकाबला किसी न्यूट्रल वेन्यू पर हो। इसलिए एआईटीए भी फिर से आईटीएफ  को न्यूट्रल वेन्यू के लिए पत्र लिखेगी।”

आपको याद होगा कि इसी साल सितंबर में एआईटीए भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले डेविस कप के मुकाबले के लिए नई तारीखों का ऐलान किया था। बताया गया था कि इसी साल नवंबर 29 और 30 या फिर नवंबर 30 और 1 दिसंबर को मैच हो सकते हैं। ये द्विपक्षीय मुकाबला पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होगा। हालांकि, एक बयान में एआइटीए ने कहा था कि 4 नवंबर को सुरक्षा परिस्थितियों की जांच होगी कि क्या यह मुकाबला इस्लामाबाद में होगा अथवा किसी और जगह शिफ्ट किया जाएगा। 22 अगस्त को इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन ने भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले डेविस कप के मुकाबलों को वहां की सुरक्षा जांच कराने के बाद स्थगित कर दिया था जो सितंबर में होना था। 

दरअसल, आतंकवाद और सुरक्षा को लेकर पाकिस्तान के बेहद खराब रिकॉर्ड के चलते तमाम देश अपने खिलाड़ियों को पाकिस्तान भेजने को तैयार नहीं हैं। कुछ साल पहले श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर पाकिस्तान में हुए आतंकवादी हमले के बाद से स्थिति और बिगड़ी है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 खत्म किए जाने के बाद से भारत और पाकिस्तान के संबंध अपने सबसे तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं।

आपको बता दें, भारत सरकार ने अगस्त महीने के पहले हफ्ते में जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाने के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा छीन लिया था। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था, जिसके कारण पाकिस्तान आगबबूला हो गया था। 

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