Bareillylive : हिन्दू धर्म में सावन माह को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। यह मास भगवान शिव के प्रति भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक होता है, वहीं मंगलवार के दिन श्री हनुमान जी की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है। इसी पावन अवसर पर बरेली के मॉडल टाऊन स्थित श्री हरि मंदिर में मंगलवार को श्रद्धालु भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर संपूर्ण मंदिर प्रांगण भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा।
सुबह के सत्र में मंदिर के प्रतिष्ठित पुजारी पंडित सुनील शास्त्री द्वारा श्री हनुमान जी का विधिपूर्वक पूजन एवं भव्य श्रृंगार किया गया। पूजन विधि के दौरान विशेष मंत्रोच्चारण, पंचामृत स्नान, चोला अर्पण और पुष्प मालाओं द्वारा भगवान हनुमान जी को सजाया गया। भक्तजन अपनी-अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु पूजा अर्चना करने के लिए प्रातःकाल से ही मंदिर आना शुरू हो गए थे। भक्ति भाव से ओतप्रोत श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं और युवा वर्ग, इस आयोजन का हिस्सा बनने को अत्यंत उत्साहित दिखाई दिए।
मंदिर के परिसर में दोपहर के समय से ही रौनक बनी रही और शाम होते-होते वातावरण और भी अधिक भक्तिमय हो गया। शाम के सत्र में श्री हरि संकीर्तन पुरुष मंडल द्वारा सुंदर और भावपूर्ण भजन संध्या का आयोजन किया गया। भजन गायकों ने एक से बढ़कर एक भक्ति गीत प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को आंतरिक आनंद से भर दिया।
भजन संध्या में प्रमुख प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं – रवि छाबड़ा ने “है दुख भजन मारुति नंदन…” प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया, वहीं संजय आनन्द ने “आयो आयो वीर हनुमान…” गाकर समा बांध दिया। पंकज द्वारा “मंगल मूर्ति मारुति नंदन…” और सचिन सेठी द्वारा “श्री राम जानकी बैठे हैं…” की प्रस्तुतियों ने वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। प्रमुख गायक सौरभ ने “राम न मिलेंगे हनुमान के बिना…” गाया तो भक्तजन भावनाओं में बह उठे। वहीं जतिन दुआ की प्रस्तुति “राम नाम के हीरे मोती…” ने उपस्थित श्रद्धालुओं को राम भक्ति में सराबोर कर दिया।
भजन संध्या के समापन पर सभी भक्तजन एकत्र होकर सामूहिक रूप से श्री हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए एकत्रित हुए। संपूर्ण मंदिर परिसर “जय हनुमान ज्ञान गुन सागर” जैसे जयकारों और श्लोकों की गूंज से आलोकिक हो गया। इसके पश्चात भव्य और दिव्य श्री हनुमान जी की सामूहिक आरती का आयोजन हुआ, जिसमें दीपमालिकाओं की रोशनी और घंटियों की मधुर ध्वनि ने वातावरण को और भी दिव्यता से भर दिया।
आरती के उपरांत श्री हनुमान जी की शयन आरती की गई और फिर सभी भक्तों को प्रेमपूर्वक भंडारा एवं प्रसाद का वितरण किया गया। भक्तों ने श्रद्धा और प्रसन्नता से इस प्रसाद को ग्रहण किया और मंदिर प्रबंधन का आभार व्यक्त किया।
मंदिर सचिव रवि छाबड़ा ने इस अवसर पर अपने वक्तव्य में कहा कि “सावन मास में हर मंगलवार को श्री हनुमान चालीसा और आरती का सामूहिक आयोजन कई वर्षों से अनवरत रूप से किया जा रहा है। सबसे प्रसन्नता की बात यह है कि इसमें सभी आयु वर्ग के भक्त हिस्सा लेते हैं, विशेषकर युवा वर्ग की सक्रिय भागीदारी अत्यंत सराहनीय है।” उन्होंने सभी भक्तजनों का इस आयोजन में भाग लेने के लिए आभार प्रकट किया।
इस पावन अवसर पर मंदिर अध्यक्ष सुशील अरोरा के साथ मंदिर समिति के अन्य सदस्य जिनमें अश्विनी ओबेरॉय, संजय आनन्द, गोविंद तनेजा, रंजन कुमार, हरीश लुनियाल, अभिषेक अरोरा, राजेश अरोरा, गिरीश आनन्द, विजय चढ़ा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। समापन पर मंदिर सचिव ने सभी भक्तजनों को शुभकामनाएं देते हुए इस परंपरा को सदैव जीवित रखने की अपील की।
इस मनोरम और भक्ति से परिपूर्ण आयोजन ने श्रद्धालुओं के मन में नई ऊर्जा का संचार किया और सभी ने अगले मंगलवार को पुनः मंदिर पधारने का संकल्प लिया।






