The Voice of Bareilly since 2010

नवरात्रि तीसरा दिन: माँ चंद्रघंटा की पूजा और महिमा

जय माता दी! नवरात्रि के 9 दिनों में माँ दुर्गा के 9 रूपों (नवदुर्गा) की पूजा की जाती है। हर दिन अलग देवी की आराधना का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि के तीसरे दिन हम देवी के अत्यंत कल्याणकारी और शक्तिशाली स्वरूप माँ चंद्रघंटा की उपासना करते हैं। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चंद्रमा है, इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। माँ का यह रूप शांति और वीरता दोनों का प्रतीक है।

मां चंद्रघंटा का स्वरूप और महत्व:

स्वरूप: मां चंद्रघंटा शेर पर सवार हैं और उनकी दस भुजाएं हैं, जिनमें विभिन्न हथियार और वस्तुएं होती हैं।

महत्व: यह देवी शक्ति, शांति और निडरता का प्रतीक हैं। इनकी पूजा से मानसिक और शारीरिक कष्ट दूर होते हैं।

माँ चंद्रघंटा शक्ति, साहस और शांति की देवी:अगर आपके जीवन में डर और चिंता बनी रहती है,,शत्रु परेशान करते हैं,बार-बार काम बिगड़ जाता है,घर में अशांति रहती है माँ चंद्रघंटा आपकी हर बाधा दूर करें।जिनकी पूजा करने से जीवन के सभी भय और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं।पूजा विधि: तीसरे दिन पीले फूलों से पूजा करें, दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं और “ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः” मंत्र का जाप करें।

विशेष रंग: इस दिन के लिए चमेली का फूल और लाल/सुनहरे रंग को शुभ माना जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!