बरेली। अब अपने शहर के एक स्कूल की बस में तीसरी कक्षा की एक छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। विरोध में छात्रा के पिता ने आरोपी बस हेल्पर की पिटाई कर दी। इस पर अन्य बस कंडक्टरों ने उन्हें बंधक बना लिया। पुलिस ने किसी तरह छुड़ाया। इसके बाद आरोपी हेल्पर को जेल भेज दिया गया। यह मामला शहर के प्रतिष्ठित माने जाने वाले राधा माधव पब्लिक स्कूल का है। हालांकि स्कूल के प्रिंसिपल आरसी धस्माना का कहना है कि बच्ची जिस बस में आती है, उसमें कई शिक्षक-शिक्षिकाएं भी होते हैं। ऐसे में छेड़खानी का कोई मतलब ही नहीं बनता है।
थापा बारादरी क्षेत्र में गंगापुर के रहने वाले एक किराना व्यापारी की बेटी राधा माधव स्कूल में तीसरी कक्षा की छात्रा है। वह रोजाना स्कूल बस में आती जाती है। फरीदपुर का रहने वाला अजय मिश्रा स्कूल बस में कंडक्टर (हेल्पर) है। बच्चों ने अपनी ट्यूशन की टीचर से शनिवार को शिकायत की कि बस के कंडक्टर अंकल उसे परेशान करते हैं। उन्होंने एक दिन छात्रा के गाल खींचे।
मना करने पर अंकल ने बाल पकड़कर थप्पड़ मारा था। ट्यूशन टीचर ने छात्रा के घरवालों को घटना की जानकारी दी। छात्रा का पिता सोमवार सुबह स्कूल बस के पीछे-पीछे स्कूल पहुंचा। छात्रा के स्कूल जाने के बाद उन्होंने कंडक्टर को वहीं पकड़ लिया और लात-घूंसों से उसकी पिटाई लगा दी। जिस पर स्कूल के बाहर सभी कंडक्टर इकट्ठे हो गए। उन्होंने व्यापारी को पकड़ लिया। मारपीट की। इसके बाद स्कूल के एक कमरे में बंधक बना लिया। मामले की सूचना पर यूपी 100 पुलिस की गाड़ी वहां पहुंच गई। पुलिस ने व्यापारी को छुड़वाया। इसके बाद बिथरी पुलिस दोनों लोगों को लेकर थाने गई।
छात्रा के पिता की ओर से राधा माधव स्कूल के प्रिंसिपल, स्टाफ और बस कंडक्टर के खिलाफ छेड़खानी, पॉक्सो एक्ट और बंधक बनाने, मारपीट केआरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर बिथरी ने बताया कि आरोपी अजय मिश्रा बालिग है। उसे पाक्सो एक्ट की कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
छोटी सी बात को दे दिया बढ़ावा
राधा माधव स्कूल के प्रिंसिपल आरसी धस्माना का कहना है कि बच्ची जिस बस में आती है, उसमें कई शिक्षक-शिक्षिकाएं भी होते हैं। ऐसे में छेड़खानी का कोई मतलब ही नहीं बनता है। हेल्पर सभी बच्चों से हंसता-खेलता रहता है। ऐसे ही उसने बच्ची के गाल खींच दिए थे। अभिभावक ने साधारण सी बात को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर दिया। दोपहर में अभिभावक ने खुद अपनी गलती मानते हुए पुलिस के सामने समझौता पत्र लिख कर दिया था। मगर बाद में मुकदमा दर्ज करा दिया गया।