बरेली@BareillyLive: मत्स्य संपदा और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत राष्ट्रीय मत्स्यकीय विकास बोर्ड (एनएफडीबी) हैदराबाद के सहयोग से उत्तर प्रदेश मत्स्य विकास निगम लिमिटेड लखनऊ द्वारा आज रामगंगा नदी के चौबारी घाट पर 2.35 लाख मलय अमूलिकाओं (मत्स्य अंगुलिकाओं) का संचय किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. राघवेंद्र शर्मा, माननीय विधायक बिश्वरी चैनपुर की गरिमामयी उपस्थिति में मत्स्य अंगुलिकाओं को नदी में छोड़ा गया। सहायक निदेशक मत्स्य सुश्री गायत्री पांडेय ने मत्स्य विभाग की संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
नदियों में प्रति किलोमीटर 5 क्विंटल मत्स्य उत्पादन का लक्ष्य है, लेकिन अवैध शिकार और प्रजनन में बाधा के कारण यह प्राप्त नहीं हो पा रहा। शासन की मंशा पूरी करने के लिए यह संचय किया गया, ताकि गरीब मछुआ समुदाय के परिवारों को रोजगार मिले और उनकी आय दोगुनी हो।
रिवर रैंचिंग कार्यक्रम का उद्देश्य नदियों में मछली प्रजातियों की संख्या बढ़ाना, प्राकृतिक जलस्रोतों को पुनर्जीवित करना और स्थानीय मछुआरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इससे नदी की पारिस्थितिकी (इकोसिस्टम) में सुधार होगा।
कार्यक्रम में उप निदेशक मत्स्य बरेली मंडल श्रीमती अंजना वर्मा, श्री सुरजीत सिंह (ज्येष्ठ मत्स्य निरीक्षक), श्रीमती आरती यादव (मलय निरीक्षक) और सहायक निदेशक मत्स्य बरेली के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।





