Bareillylive : पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की 122वीं जयंती की पूर्व संध्या पर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के तत्वावधान में स्थानीय श्यामगंज में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संयोजन योगेश जौहरी ने किया, जबकि वरिष्ठ उपाध्यक्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट की अध्यक्षता में यह सम्मान समारोह हुआ।
कार्यक्रम में सीओ सिटी तृतीय, बरेली के डीएसपी रैंक के चित्रांश पंकज कुमार श्रीवास्तव को उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली, सत्यनिष्ठा और राष्ट्र-सेवा के लिए “लाल बहादुर शास्त्री सम्मान” से सम्मानित किया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें शॉल, स्मृति चिन्ह और मोतियों की माला प्रदाय की गई, जो प्रदेश उपाध्यक्ष उपमेंद्र सक्सेना एवं संयोजक योगेश जौहरी द्वारा दिया गया।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष उपमेंद्र सक्सेना ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी ईमानदारी और सादगी की मिसाल हैं, जिन्होंने देशवासियों के दिलों में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने यह भी बताया कि महासभा ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करती है जो शास्त्री जी के आदर्शों पर चलकर समाज सेवा करते हैं, इसी कड़ी में आज पंकज श्रीवास्तव को यह सम्मान दिया गया।
सीओ सिटी पंकज कुमार श्रीवास्तव ने अपने सम्मान पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शास्त्री जी ने अपना जीवन देश सेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने भारत की आज़ादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश के अन्न संकट के समय जनता से सहयोग का आग्रह किया। “जय जवान, जय किसान” जैसे उनके नारे आज भी प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने जेल में नौ अमूल्य वर्ष बिताए और देश के लिए अपार बलिदान दिया।
संयोजक योगेश जौहरी ने कहा कि शास्त्री जी ने भारत-पाकिस्तान युद्ध में जीती हुई जमीन पाकिस्तान को लौटाने में संकोच दिखाया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव में उन्होंने ताशकंद समझौता स्वीकार किया। उन्होंने शास्त्री जी की 11 जनवरी 1966 को हुई मृत्यु की रहस्यमयी स्थिति पर भी प्रकाश डाला और इसे उजागर करने की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर अधिवक्ता समीर बिसारिया, जगदीश शरण सक्सेना ‘निमिष’, राजीव सक्सेना, संजय सक्सेना एवं प्रदीप कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम ने शास्त्री जी के आदर्शों को पुनः याद कर युवाओं को प्रेरित करने का प्रयास किया।





