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कड़ाके की सर्दी में भी नहीं थमा कला प्रेमियों का जोश, गांधी शिल्प बाजार में उमड़ रही भीड़

BareillyLive : बरेली में कला के प्रेमियों की कमी नहीं है, यही कारण है कि इतनी कड़ाके की सर्दी के उपरान्त भी बरेली के लोग काफी अधिक संख्या में मनोहर इंटर कालेज में लगे गांधी शिल्प बाजार मेले में खरीदारी की अभिलाषा से निरन्तर पहुंच रहे है। जहां बरेली के अन्य बाजारों में शीत लहर के कारण मंदी का आलम है। वही मनोहर भूषण इंटर कालेज के मैदान में लगे इस हस्तशिल्प मेले में रौनक बरकरार है …….

गेट मे प्रवेश करते ही सबसे पहली ( एक नम्बर) दुकान कश्मीर के गरम परिधानों से सुसज्जित आपको मिल जायेगी। जहां गर्म कपड़ों की काफी अच्छी वैरायटी उपलब्ध है। उसके ठीक गेट के ऑपोजिट , दूसरे नंबर पर एक साड़ी की बहुत ही अच्छी दुकान है। जहां कलकत्ता की साड़ियां काफी किफायती मूल्य पर उपलब्ध है। थोड़ा सा आगे बढ़ेंगे तो कहीं पर क्राफ्ट का सामान, कहीं पर भगवान जी के कपड़े व श्रृंगार का सामान, कहीं खादी के कुर्ते व कमीजे, राजस्थान की जूतियां नागरे व चूड़ियां, हिमाचल प्रदेश की मशहूर टोपी, शाल और जैकेट की शाप है। बरेली का मशहूर बेत का फर्नीचर के भी बहुत प्यारे-प्यारे मॉडल है। इसके अतिरिक्त हाथ से बनी टोकरी, फैंसी लाइट, पिलखुवा की मशहूर चादरें, बनारस (काशी) की प्रसिद्ध बनारसी साड़ियो की शाप और बच्चों के खिलौने से सम्बंधित आइटम में उत्तराखंड से आई हुई महिला शॉपकीपर की दुकान है, जहां बच्चों के लिए बहुत ही सुंदर सुंदर लकड़ी के खिलौने उपलब्ध हैं। जिसमें बांसुरी है, लट्टू है, लकड़ी का प्यानों, हाथ से घुमाने वाले बच्चों के बंग्गू है, जिसने अपने जमाने में हम कभी खेला करते थे। आज देखने को भी नहीं मिलते। इनके बराबर में ही लकड़ी के बने हुए बहुत ही सुन्दर अशोक के स्तंभ बिक्री हेतु उपलब्ध हैं।

इसके अतिरिक्त खाने-पीने की भी पूरी व्यवस्था है। राजस्थान चाट के नाम से अच्छी दुकान मेले के बीच में खुली हुई है। अगर आप ठंड के मौसम में भुनटे का आनंद लेना चाहे तो वह भी ले सकते हैं। और कोई चाऊमिन वगैरह खाना चाहे तो उसकी भी दुकान सामने ही है। कलाकृतियों की बात करें तो सुंदर सुंदर कांच की कलाकृतियां भी वहां पर उपलब्ध है, फूलदान से लेकर बहुत सुंदर सुंदर छोटे से लेकर बड़े – बड़े सामान आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इस दुकान पर रखी तोप तो वास्तव में बहुत ही सुंदर लग रही थी… और भी लकड़ी से निर्मित बहुत से घरेलू उपयोग का समान भी यहां उपलब्ध था। अगर आप सलवार कुर्ते के शौकीन हैं तो उसकी भी काफी अच्छी वैरायटी यहां पर उपलब्ध है। अगर आप कांच की वस्तुओं के शौकीन हैं तो वह भी हस्तशिल्प मेले मे उपलब्ध है। नक्काशी किये हुए कप व प्लेट, सुंदर सुंदर कलाकृतियां और लोहे बने फ्लावर पॉट आदि बहुतायत मात्रा में मेले में आपकों मिल जायेंगे। उसके अलावा और भी काफी घरेलू उपयोग के सामान जैसे सुन्दर-सुंदर कार्पेट, कुशन, पायदान, मेवे की काफी वैरायटी वाली एक शाप …जहां अखरोट, बादाम, अंजीर, छुआरे आदि के अतिरिक्त एक गिरी जैसी चीज उपलब्ध थी, जिसका प्रयोग शुगर के मरीज करते हैं। शाप के मालिक ने हमें बताया कि यह शुगर के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद है, साबुत कुटू के आकार के कुछ लाल से रंग के यह बीज मैने अपनी लाइफ में पहली बार देखे थे। वास्तव में इतनी विभिन्नताओं को समेटे, अलग – अलग भाषा प्रांत की यह अनमोल वस्तुएं एक ही छत के नीचे बड़ी ही विरलता से उपलब्ध होती है। यह सभी उत्कृष्ट सामान मेले में चार चांद लगाये हुए हैं। और जो रह गये है उन कला प्रेमियों का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

रिपोर्ट: मोहित ‘मासूम’बरेली।

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