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आला हजरत दरगाह से जारी हुआ फतवा – हराम है हाफिज सईद या आतंकी संगठन से सम्बन्ध

आला हजरत दरगाह से जारी हुआ फतवा बरेली। बरेलवी मसलक के उलेमा ने फतवा जारी कर आतंकी संगठनों को इस्लाम से खारिज कर दिया है। बुधवार को आला हजरत दरहगाह से उलेमा ने यह फतवा जारी किया। इसकी जानकारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर दी गयी। फतवे में आतंकी संगठनों को इस्लाम में नाजायज करार दिया गया है। आला हजरत दरगाह से पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-ताइबा के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ फतवा जारी किया गया।

प्रेस कॉन्फ्रेन्स को सम्बोधित करते हुए ऑल इंडिया तंजीम-ए-इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने तमाम आतंकी संगठनों को इस्लाम के खिलाफ बताया है। बताया फतवे को 16 उलेमा ने तस्दीक कर जारी किया है। बताया कि इंडियन मुजाहिदीन, आईएसआईएस, तालिबान, बोको हरम, लश्कर ए तैयबा, अलकायदा के खिलाफ फतवा जारी हुआ है। इन संगठनों से जुड़ना हराम करार दिया गया है।

हाफिज सईद भी खारिज, उसे सुनना नाजायज

फतवा जारी कर कहा है कि हाफिज सईद की बातों को सुनना नाजायज है। जो उसे मुसलमान मानेगा, वह काफिर होगा। उलेमा ने साफ किया है कि अल्लाह और रसूल की शान में गुस्ताखी करने वाले इस्लाम से खारिज हैं। जो उन्हें मुसलमान माने, वे भी काफिर हैं। उनके साथ सलाम व कलाम जैसा कोई भी ताल्लुक रखना हराम है। इनकी बातों को सुनना और उन्हें मुसलमान मानना नाजायज है।

जिहाद के नाम पर इस्लाम को कर रहे बदनाम

मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि आतंकी विचारधारा रखने वाले और इससे जुड़ा हर शख्स अपनी आतंकी गतिविधियों से इस्लाम और मुसलमानों को पूरी दुनिया में बदनाम और शर्मसार कर रहा है। वह पूरी तरह गैर इस्लामी है। ऐसे शख्स और संगठनों को न मुसलमान मानें और न उसकी किसी बात पर यकीन करें। उससे किसी किस्म का कोई ताल्लुक न रखें। खुद भी उससे दूर रहें और अपने लोगों को भी इससे दूर रखें।

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