pcs officers met commissioner for action against ravindra rathoreबरेली । नवाबगंज में मतगणना के दौरान हुए बवाल के बाद शनिवार को एसडीएम राजेश कुमार की ओर से भाजपा जिलाध्यक्ष रवीन्द्र सिंह राठौर और उनके भाई समेत 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमे में हत्या के प्रयास, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा डालने और दलित उत्पीड़न की धाराएं शामिल की गई हैं। एसडीएम के साथ मारपीट की घटना से पीसीएस अधिकारियों में आक्रोश है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और निर्वाचन आयोग तक से शिकायत की है। चुनाव पर्यवेक्षक बवाल की वीडियो फुटेज साथ ले गए हैं।

पुलिस के मुताबिक शुक्रवार को उपमंडी स्थल में नगर पालिका चुनाव की मतगणना के दौरान जब बसपा प्रत्याशी शहला ताहिर की जीत की घोषणा हुई तो भाजपा जिलाध्यक्ष रवीन्द्र सिंह राठौर अपने भाई नीरेन्द्र सिंह राठौर व 25 अज्ञात लोगों के साथ वहां आ धमके और एसडीएम राजेश कुमार पर भाजपा प्रत्याशी प्रेमलता राठौर को जिताने का दबाव बनाने लगे। एसडीएम ने इसका विरोध किया तो उन्होंने एसडीएम पर जानलेवा हमला करते हुए उनसे मारपीट कर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। पुलिस फोर्स ने एसडीएम को बचा कर मतगणना स्थल से बाहर निकाला।

इन धाराओं में दर्ज किया गया मुकदमा

एसडीएम की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर भाजपा जिलाध्यक्ष रवीन्द्र सिंह राठौर, उनके भाई नीरेन्द्र सिंह राठौर व 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ 143, 323, 307, 352, 353 506, 507 व एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

एसडीएम पर हमले से भड़के पीसीएस अफसर

राज्य सिविल सेवा संघ ने शनिवार को कार्रवाई की मांग को लेकर डीएम और कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों ने तीन दिन में कार्रवाई न होने पर हड़ताल का भी अल्टीमेटम दिया। मतगणना के लेकर किसी को भी आपत्ति हो सकती है। राज्य निर्वाचन आयोग और कोर्ट जाने का रास्ता खुला है। किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। नवाबगंज में एसडीएम के साथ मारपीट करना बहुत ही गलत है। मामले की एफआईआर दर्ज हो गई है। पुलिस अपना काम कर रही है। मामले की रिपोर्ट आयोग और शासन को भेज दी है।

वीडियो साथ ले गए चुनाव प्रेक्षक

मतगणना के दौरान हुए बवाल की वीडियो चुनाव प्रेक्षक अपने साथ ले गए हैं। माना जा रहा है। कि लखनऊ में चुनाव आयोग से निर्देश मिलने के बाद बवालियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

तो रणभूमि बन जाता मतगणना स्थल

एसडीएम राजेश कुमार ने कहा कि खफा पैरामिलिट्री फोर्स मुझसे लाठीचार्ज और फायरिंग के आदेश मांगती रही। मगर घायल होने के बावजूद मैंने आदेश नहीं दिए। यदि मैं ऐसा आदेश दे देता तो मतगणना स्थल रणभूमि में तब्दील हो जाता। हमला करने वाले शायद जिंदा नहीं बचते।

मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग

एसडीएम पर हमले का मामला गरमा गया है। लखनऊ में पीसीएस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर हमले की निंदा करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष और अन्य आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

उत्तर प्रदश सिविल सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष उमेश प्रताप सिंह का कहना है कि हम इस घटना की कड़ी निन्दा और भर्त्सना करते हैं। हमारा संगठन पिछले काफी समय से अधिकारियों को पूरी सुरक्षा देने की मांग करता रहा है लेकिन सरकार ने इस मामले में टालमटोल का रवैय्या अपना रखा है। हम एक बार फिर से सरकार को सचेत करते हैं कि वह इस घटना को गम्भीरता से ले और दोषी भाजपा नेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।

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