Bareillylive : भुता थाना क्षेत्र के फैजनगर स्थित मदरसे में धर्मांतरण का खेल चल रहा था। एक महिला की शिकायत पर पुलिस जांच के बाद मदरसे में पहुंची, जहां एक शिक्षक के धर्मांतरण की तैयारी चल रही है। पुलिस ने मौके से मदरसा संचालक मौलाना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
बरेली में जमालुद्दीन उर्फ छांगुर की तरह धर्मांतरण कराने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने मदरसा संचालक समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का सरगना अब्दुल मजीद नाम का शख्स बताया गया है। यह गिरोह लोगों को लालच देकर उनका धर्मांतरण करता था। आरोपियों से धार्मिक पुस्तकें, सीडी, शैक्षिक दस्तावेज, पासपोर्ट, बैंक पासबुक, आधारकार्ड आदि बरामद हुआ है। एसपी दक्षिणी अंशिका
वर्मा ने मंगलवार को प्रेसवार्ता कर इस गिरोह का खुलासा किया।
बरेली पुलिस ने धर्मांतरण रैकेट के जाल में फंसे अलीगढ़ के नेत्र दिव्यांग जीआईसी शिक्षक प्रभात उपाध्याय को उस समय गिरोह के जाल से छुड़ाने में सफलता हासिल की है, जब मौलाना उनका खतना कराने जा रहा था। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से एमफिल-पीएचडी कर चुके ब्राह्मण परिवार के प्रभात उपाध्याय तबादले पर बरेली आकर कई राज्यों में रैकेट चलाने वाले मौलाना मजीद व उसके साथियों के जाल में फंस गए थे। जाकिर नाईक व कई पाकिस्तानी मौलानाओं की सीडी के जरिए ब्रेनबॉश कर प्रभात उपाध्याय का कन्वर्जन कराया जा चुका था और उनका नाम बदलकर हामिद रख दिया गया था।
अलीगढ़ के थाना क्वार्सी क्षेत्र की निवासी अखिलेश कुमारी ने भुता थाने में गांव फैजनगर निवासी अब्दुल मजीद, महमूद बेग, सलमान और आरिफ व एक अन्य के खिलाफ तहरीर दी। आरोप लगाया कि इन लोगों ने उनके दृष्टिबाधित पुत्र प्रभात उपाध्याय को शादी का प्रलोभन दिया। उसे जबरन फैजनगर स्थित मदरसे में रोक रखा है। उसका धर्मांतरण करना चाहते हैं। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में भोजीपुरा के सैदपुर चुन्नीलाल निवासी मोहम्मद फईम का नाम सामने आया। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि 25 अगस्त को भुता थाने की पुलिस टीम फैजनगर स्थित मदरसा में पहुंची। वहां चार-पांच लोग एक प्रभात को घेरे बैठे थे। प्रभात के खतना की तैयारी चल रही थी। उसे हामिद बनाया जाना था। पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर धर्मांतरण करने से रोका। तलाशी के दौरान प्रभात के पास 10 पुस्तकें बरामद हुईं। 12 सीडी जिनमें धार्मिक व जाकिर नाइक के वीडियो हैं। पुलिस ने आरोपियों से धर्मांतरण के तीन प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, आधार कार्ड आदि दस्तावेज बरामद किए हैं।
एसपी दक्षिणी के मुताबिक जांच में पता लगा है कि इस गिरोह ने बरेली के सुभाषनगर क्षेत्र निवासी ब्रजपाल साहू को अब्दुल्ला बनाया था। उसकी बहन राजकुमारी का धर्मांतरण कर आयशा और मां ऊषा कुमारी को अमीना बनाया है। आरोपियों ने एक नाबालिग लड़के को भी प्रभावित किया है। उसे ड्रग्स का आदी बना दिया, जिससे उसके तौर तरीके बदल गए हैं। अब तक की जांच में सामने आया है कि ये आरोपी कई राज्यों में घूमकर चंदा जुटाकर मदरसे को चलाते थे। सलमान और उसकी बीवी के 12 बैंक खाते हैं। अब्दुल मजीद के पांच खाते हैं। दो हजार से ज्यादा ट्रांसक्जेशन मिले हैं। विदेशी फंडिंग के एंगल पर भी पुलिस जांच कर रही है। इन लोगों का छांगुर गैंग से कोई कनेक्शन तो नहीं है, इसका भी पुलिस पता लगाने में जुटी है। खुलासे के बाद चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया,जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।





