बरेली@BareillyLive: विश्वविद्यालय के 23वें दीक्षांत समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार को उनके जीवनभर के योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया। इस मौके पर उन्हें एक लाख रुपये की धनराशि भी दी गई, जिसे उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षा के लिए समर्पित करने की घोषणा की।
अवार्ड हासिल करने के बाद राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि यह सम्मान केवल उनके लिए नहीं, बल्कि सभी विद्यार्थियों और उनके अनुशासन, मेहनत का परिणाम है। उन्होंने 1974 की वह घटना भी याद की, जब विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग को लेकर छात्रों और शिक्षकों का हुजूम राजकीय इंटर कॉलेज पहुंचा था। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा से ज्ञापन देने गए छात्रों पर बड़ी संख्या में जनसंघ कार्यकर्ता भी मौजूद थे और संतोष गंगवार को कुछ दिनों के लिए कारागार में रहना पड़ा था।
राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा बरेली की हर गली और बाजार मेरे अंतरमन में बसी है। विश्वविद्यालय की स्थापना का संघर्ष हम सबके लिए प्रेरणा है। आज यह विश्वविद्यालय देश में शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान दे रहा है। उन्होंने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के उच्च शिक्षा में सुधारों के प्रयासों की भी सराहना की।
दीक्षांत समारोह में छात्रों, शिक्षकों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। समारोह ने विश्वविद्यालय की गौरवशाली यात्रा और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए योगदान को सभी के सामने जीवंत कर दिया।





