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धोखे से खतना करने वालों की गिरफ्तारी को हिन्दूवादियों का जबर्दस्त प्रदर्शन, नारेबाजी

आंवला। गुरुवार को तहसील के हिन्दूवादी संगठनों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर सिरौली कस्बे में युवक का धोखे से खतना करने के आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। बता दें कि करीब सप्ताह भर पूर्व भोजीपुरा के एक युवक का सिरौली में चाय में नशा देकर कुछ लोगों ने खतना कर दिया था। इस मामले को लेकर क्षेत्र के हिन्दूवादी संगठनों में आक्रोश है। इसको लेकर सिरौली, अलीगंज, आंवला और आसपास के हिन्दू जागरण मंच कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर उपजिलाधिकारी विशुराजा को ज्ञापन सौंपा। उनसे मांग की है कि इस मामले में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की जाए।

दिन में हिजामं कार्यकर्ता नगर अध्यक्ष रामवीर प्रजापति के नेतृत्व में एकत्रित होकर तहसील परिसर में पहुंचे। वहां पर जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। यहां पर पालिकाध्यक्ष संजीव सक्सेना भी पहुंच गये थे। इन लोगों ने बताया कि कस्बा सिरौली अन्तर्गत मोहल्ला प्यास में महेन्द्र पाल मौर्य नाम के युवक को चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर कुछ लोगों ने खतना कर दिया था। उसे बंधक बनाकर धर्मपरिवर्तन का दबाब बनाया गया। इतना ही नहीं उसे भैंसे का मांस खाने एवं नमाज पढ़ने का दबाब बनाया गया था।

मुकदमा वापस लेने का  है निरन्तर दबाब

जैसे तैसे महेन्द्र उन लोगों की पकड़ से छूटकर थाना सिरौली पहुंचा तो उसकी वहां एक न सुनी गई। बाद में सिंचाई मंत्री के हस्तक्षेप के उपरांत सिरौली थाने में इस सम्बन्ध में मुकद्दमा पंजीकृत किया गया। इन लोगों ने बताया कि हमें जानकारी मिली है कि उक्त महेन्द्र पाल मौर्य पुलिस कस्टडी से गायब हो गया है। रामनगर पीएचसी पर मेडीकल में यह सिद्ध हो गया था कि उक्त महेन्द्र का खतना हुआ है।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हेडी हैल्थ द्वारा गठित पैनल की रिपोर्ट आने से पहले ही पुलिस द्वारा मुकदमा वापस लेने को निरन्तर दबाब बनाया जा रहा है। साथ ही उसे किसी झूठे मुकद्दमें में फंसाने की धमकी भी दी जा रही हैं। इस दौरान दुर्गेश सक्सेना, जयदीप पारासरी, आशीष, यशु गुप्ता, धर्मेन्द्र गुप्ता, लालमन मौर्य, कुलदीप रस्तोगी, मनोज मौर्य, राजेन्द्र सिंह, पंकज ठेकेदार, अभय सक्सेना, किशनपाल कश्यप, प्रभाकर शर्मा सहित दर्जनो कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पूर्व पालिकाध्यक्ष आबिद अली का कहना है कि जब सत्ताधारी पार्टी के पालिकाध्यक्ष को पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन करना पड़े तो समझ लेना चाहिए कि हालात कितने बदतर हैं। कहा कि अगर भाजपा के पालिकाध्यक्ष पर प्रशासन नहीं संभल पा रहा है तो समाजवादी पार्टी में आ जायें। हम सिखा देंगे। हमें शासन चलाना आता है।

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