Bareillylive : श्री हरि मंदिर प्रांगण भक्ति और आस्था से पूर्ण हो गया जब यहां 65वें विराट भक्ति ज्ञान वार्षिक श्री राधा अष्टमी महोत्सव के भजन संध्या कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायिका माधवी शर्मा ने अपनी मधुर आवाज से उपस्थित समस्त भक्तों के मन-ओ-मन को राधा-श्याम के प्रेम रस में डुबो दिया। आज 28 अगस्त 2025 को श्री वृंदावन धाम से पधारीं माधवी शर्मा की भक्ति गीतों की ऐसी श्रृंखला चली कि भक्तजन भाव-विभोर होकर झूमने और नृत्य करने लगे, पूरे प्रांगण में भक्ति की छटा चारों ओर फैल गई।
माधवी शर्मा और श्री पारस लाडला ने मिलकर “कर दो कृपा कन्हैया इतनी अरज हमारी”, “जीवन जो दिया है आपने उपकार सांवरे”, “ओ कैसे जियु मैं राधा रानी तेरे बिना”, “जहां रहमत बरसती है उसे बरसाना कहते हैं”, “पिला दे श्याम नाम की मस्ती”, “मेरी विनती यही है राधा रानी”, “तेरी गलियों में आने जाने से”, “ठुमका जरा लगा जन्मदिन लाडो का आया है” आदि कई भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी, जिसने हर भक्त के हृदय को छू लिया। इन भजनों ने वातावरण को इतना भक्तिमय बना दिया कि पूरा श्री हरि मंदिर प्रांगण राधा मय हो गया और उपस्थित लोगों ने हर्षोल्लास के साथ भक्ति रस का आनंद लिया।
शाम के सत्र में श्री हरि मंदिर महिला मंडल के निमंत्रण पर श्री रामायण मंदिर, श्री बांके बिहारी मंदिर, श्री सनातन धर्म मंदिर और श्री दरगाह मंदिर की महिला मंडलों ने जुगल जोड़ी सरकार के श्री चरणों में अपने-अपने मंडलों के साथ हाजरी लगाई। इस संध्या ने धार्मिक सौहार्द और एकता का अद्भुत संदेश प्रदान किया।
मंदिर समिति के सचिव श्री रवि छाबड़ा ने जानकारी दी कि राधाष्टमी महोत्सव के अंतर्गत कल की भजन संध्या में श्री वृंदावन धाम तथा अहमदाबाद से परम पूज्य गुरुदेव श्री नन्द किशोर शर्मा (नंदू भैया जी) अपने भजनों के माध्यम से जुगल जोड़ी सरकार के श्री चरणों में अपनी हाजरी लगाएंगे। उन्होंने सभी भक्तों से आग्रह किया है कि वे अवश्य इस भजन संध्या में भाग लेकर इस अध्यात्मिक अनुभव का लाभ उठाएं।
आज के कार्यक्रम में मंदिर समिति के अध्यक्ष सुशील अरोरा, सचिव रवि छाबड़ा, उपाध्यक्ष अश्वनी ओबेरॉय के साथ संजय आनन्द, गोविन्द तनेजा, युवा मंडल के अभिषेक अरोरा, रोहन कुमार, भूमेंश तनेजा, शिव भसीन, लक्ष्य अग्रवाल, महिला मंडल की रेनू छाबड़ा, कंचन अरोरा, नीलम साहनी, नीलम लुनियाल, नेहा आनंद, सीमा तनेजा, ममता ओबेरॉय, प्रवेश कोचर, रीना, सोनिका, निशा लखानी, मीरा कथूरिया, व विपुल सोंधी सहित अनेक व्यवस्थापक व स्वयंसेवकों ने विशेष सहयोग प्रदान किया, जिससे यह कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा।






