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गो निकेतन खोलकर लावारिस गायों की देखभाल करेगा क़ुरैशी समाज

hazi shakeel quraishiबरेली। आॅल इंडिया जमीयतुल कुरैशी के अधिवेशन में मीट कारोबारियों को हो रही दिक्कतों पर जमकर विमर्श किया गया। तय किया गया कि मीट के कारोबार में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भेंटकर उन्हें अवगत कराया जाएगा। साथ ही जमीयत द्वारा गोनिकेतन के नाम से गोशालाओं के निर्माण की भी घोषणा की गयी। यह भी बताया गया कि इन्हीं गोनिकेतन में गायों के इलाज के लिए पशु चिकित्सालयों की भी स्थापना की जाएगी।

hazi shakeel quraishiराष्ट्रीय अध्यक्ष सिराजुद्दीन कुरैशी ने कहा मीट बंदी से बारह लाख लोग बेरोजगार हुए हैं। इसमे सिर्फ मुस्लिम ही नहीं हिन्दू लोग भी शामिल हैं। सरकार ने आधुनिक स्लाटर हाउस बनाने की बात कही थी लेकिन अभी तक नहीं बने हैं। कहा कि मीट कारोबारियों के प्रति सरकार का रूख सकारात्मक है। इसके बाद भी अधिकारी मीट कारोबारियों को परेशान कर रहे हैं, जो सरासर गलत हैं।

मीट कारोबारियों का लाइसंेस बनाने में आनाकानी कर रहे हैं, जबकि हड्डी, खाल और सींग के तैयार होने वाली आइटमों की फैक्ट्रियां चल रही हैं। जमीयतुल कुरैश मीट कारोबारियों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिल चुका है और सभी समस्याओं से अवगत भी करा दिया है अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया जायेंगा।

जमीयतुल कुरैश के उपाध्यक्ष हाजी शकील कुरैशी ने कहा बरेली में जल्द गौ निकेतन खोला जायेगा। कुरैशी समाज गाय की सेवा कर दुनिया को दिखायेगा कि गाय का कटान करने वाले उनके संगठन की नज़र में अपराधी हैं। उनका बहिष्कार भी किया जायेगा। वैध कारोबार ही करने दिया जायेंगा। पुलिस और सामाजिक संगठन बेवजह किसी को परेशान न करें।

शकील कुरैशी ने बताया है कि आधुनिक गौ निकेतन के लिये शाहजहांपुर रोड पर 90 बीघा जमीन खरीदी है। अगले माह उसका निर्माण कार्य शुरू किया जायेंगा। जमीयतुल कुरैश पूरे देश में गौ निकेतन खोलेगा, जहां लावारिस गाय की देखभाल की जायेगी। कैंपस में गाय के लिये अस्पताल भी खोला जायेगा। बेटियों को पढ़ाने के लिए स्कूल, कालेज खोले लायेंगे। नैतिक शिक्षा पर भी जोर दिया जायेगा।

प्रदेश अध्यक्ष युसूफ कुरैशी ने कहा देश की जीडीपी बढ़ाने में मीट कारोबारियों की मुख्य भूमिका रही है। पहले जीडीपी पांच प्रतिशत से कम भी क्यांेकि निर्यात नहीं होता था। विदेश में बड़ी संख्या में उत्पाद आयात होते हैं, लेकिन मीट का निर्यात किया गया। इससे लगभग 60 हजार करोड़ रूपया विदेशों से आने लगा। लाखों लोगों को रोजगार मिला। इसी वजह से जीडीपी सात प्रतिशत पहुंची है। आल मुस्लिम राबता कमेटी ने जमीयतुल कुरेैैश द्वारा सर्वसहमति से पास हुए प्रस्तावों और घोषणाओं को समर्थन किया है।

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