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जयंती : “राष्ट्रीय एकीकरण एवं अखण्डता के शिल्पी थे सरदार पटेल”

बरेली : अखिल भारतीय साहित्य परिषद के तत्वावधान में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई झावेरभाई पटेल की जयंती पर रविवार को एक विचार गोष्ठी का आयोजन साहित्यकार निरूपमा अग्रवाल के प्रभात नगर स्थित आवास पर किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता बरेली कॉलेज में हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ एसपी मौर्य ने की। शिक्षाविद एवं साहित्य परिषद के बृज प्रान्त के संरक्षक डॉ एनएल शर्मा गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे ।

गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए अखिल भारतीय साहित्य परिषद के ब्रज प्रांत के अध्यक्ष साहित्य भूषण सुरेश बाबू मिश्रा ने कहा कि सरदार पटेल को देश की एकता एवं अखण्डता का महान शिल्पी कहा जाता है। उन्होंने स्वतंत्रता के बाद 565 देसी रियासतों का भारत में विलय कराकर अखण्ड भारत की नींव डाली। उनके इस महान कार्य के लिए यह देश और समाज सदैव उनका ऋणी रहेगा।

डॉ एनएल शर्मा ने कहा कि सरदार पटेल दृढ़ निश्चय और साहस के धनी थे। उन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने गोष्ठी में मौजूद लोगों से उनके आदर्शों पर चलने की अपील की। अध्यक्षीय भाषण में डॉ एसपी मौर्य ने कहा कि पटेल  युगपुरुष थे। वे अपने निर्णय पर अडिग रहते थे। वर्तमान परिस्थितियों में देश को पटेल जैसे युगपुरुष की आवश्यकता है।

गोष्ठी में प्रांतीय संयुक्त मन्त्री रोहित राकेश, प्रांतीय कोषाध्यक्ष डॉ दीपान्कर गुप्ता, प्रधानाचार्य डॉ एसपी पाण्डेय, कवि आनन्द गौतम, एसके अरोरा, पत्रकार निर्भय सक्सेना, प्रधानाचार्य जितेन्द्र कुमार चौहान, डॉ रवि प्रकाश शर्मा, प्रवीण शर्मा आदि ने विचार व्यक्त किए।

इससे पूर्व मोहन चंद्र पाण्डेय की सरस्वती वन्दना से गोष्ठी का शुभारंभ हुआ। सभी ने सरदार पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी। गोष्ठी का संचालन डॉ गोविंद दीक्षित ने किया। गोष्ठी की आयोजक निरूपमा अग्रवाल ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया।

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