Bareillylive : जनकपुरी वार्ड से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पार्षद आरेंद्र अरोड़ा का शनिवार देर शाम अचानक निधन हो गया। 55 वर्षीय अरोड़ा को सीने में दर्द की शिकायत के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में उनकी मृत्यु का कारण हार्ट अटैक बताया गया है। इस दुखद समाचार से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। आरेंद्र अरोड़ा भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोड़ा के छोटे भाई थे। वे जनकपुरी क्षेत्र में काफी लोकप्रिय जनप्रतिनिधि थे और स्थानीय विकास कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही। सड़क निर्माण, नाली सफाई, स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्था और सार्वजनिक स्वच्छता जैसे बुनियादी मुद्दों पर उन्होंने विशेष ध्यान दिया। जनता के बीच उनकी सीधी पहुँच और सहज स्वभाव के कारण वे क्षेत्र में एक मजबूत नेता के रूप में पहचाने जाते थे। उनके निधन की खबर फैलते ही सैकड़ों लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर उमड़ पड़े।
परिजनों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ क्षेत्रवासियों की आंखें नम थीं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे पार्टी और जनकपुरी क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया मोक्षधाम में सम्पन्न होगी। अंतिम यात्रा में शहर के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। उत्तर प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, “आरेंद्र अरोड़ा का जाना संगठन के लिए एक गहरी क्षति है। वे न केवल एक समर्पित भाजपा कार्यकर्ता थे, बल्कि जनता के एक सच्चे सेवक भी थे। जनकपुरी क्षेत्र की राजनीति में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है और उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।” वहीं, भाजपा नगर अध्यक्ष और स्थानीय पार्षदों ने भी उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। पार्टी के वरिष्ठ नेता यह भी कह रहे हैं कि अरोड़ा जैसे जमीनी नेता की भरपाई करना आसान नहीं होगा। वे अपने पीछे एक मजबूत राजनीतिक विरासत छोड़ गए हैं, जिसे आगे ले जाना पार्टी और उनके समर्थकों की जिम्मेदारी होगी।
जनकपुरी क्षेत्र के निवासियों ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। स्थानीय लोग बता रहे हैं कि आरेंद्र अरोड़ा हमेशा जनसमस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहते थे। उनके अचानक निधन से एक ऐसा शून्य पैदा हुआ है जिसे भर पाना कठिन होगा। आरेंद्र अरोड़ा का जाना न केवल भाजपा के लिए, बल्कि पूरे बरेली शहर के लिए एक बड़ी क्षति है। वे अपनी मेहनत, सादगी और जनसेवा की भावना के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।






