Bareillylive : पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह जी ने आज तहसील आंवला स्थित लीलौर झील के पुनरोद्धार कार्य का हवन पूजन कर शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि नदियों/झील को पुनर्जीवित किया जाये, यह देश की सम्पदा है। उन्होंने कहा कि प्राचीन कालीन पांचाल प्रदेश की उत्तरी राजधानी अहिच्छत्र में स्थित लीलौर झील महाभारत कालीन है और यहीं पर पॉण्डवों के अग्रज युधिष्ठिर से यक्ष ने प्रश्न किए थे। पॉण्डव और यक्ष संवाद की साक्षी महाभारत कालीन की भूमि है जिस पर हम सभी बैठे हैं। उन्होंने कहा कि यह झील नहीं है बल्कि यक्ष सरोवर है, लीलौर झील को पर्यटन के मानचित्र में भी दर्शाया जाएगा। पर्यावरण बचाने के लिए झील के किनारे पेड़-पौधे आदि लगाकर उसका सौन्दर्य बढ़ाने का कार्य किया जाये और अधिक से अधिक लोग अपने घरों के आस-पास पौधे लगाए तथा पर्यावरण को बचाएं।
मंत्री ने कहा कि गांव को साफ-सुथरा रखें, जिससे बीमारी ना फैलें, झील विकसित होने से व्यापार भी बढ़ेगा और यहां पर द्रोपदी थीम पार्क बनाने की भी योजना है जो कि पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। उन्होंने कहा कि तहसील आंवला शिक्षा का हब बन चुका है, यहां पर चीनी मिल, डेयरी, इंडस्ट्री भी शुरू होने जा रही हैं। जनपद में कानून व्यवस्था सुदृढ़ है एवं विकास कार्य अधिक हो रहे हैं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि जनपद बदायूं के सहसवान में स्थित सरसोता झील के बाद लीलौर झील का ही नाम आता है, यह सबसे प्राचीन झील में से एक है। हम सभी का यह प्रयास है कि लीलौर झील को पुनर्जीवित कर पर्यटन स्थल के रुप में इसे विकसित किया जाए, जिसका लाभ सभी जनपद वासियों को मिल सके।
इस अवसर पर सांसद बरेली छत्रपाल सिंह गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधायक बिथरी चैनपुर डॉ0 राघवेन्द्र शर्मा, विधायक नवाबगंज डॉ0 एम0पी0 आर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह, ब्लाक प्रमुख रामनगर, मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन पूर्णिमा सिंह, उप जिलाधिकारी आंवला नहने राम सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।





