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MLA पप्पू भरतौल ने ली मटके में मिली ‘सीता’ की जिम्मेदारी, डॉ. रवि खन्ना के यहां कराया भर्ती

प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ रवि खन्ना

बरेली। श्मशान भूमि में जमीन के नीचे मटके में मिली बच्ची के जीवन की रक्षा के लिए बिथरी चैनपुर विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल आगे आये हैं। उन्होंने आज दिन में जिला अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों से बच्ची का हालचाल जाना। विधायक पप्पू भरतौल ने बच्ची के पालन-पोषण और शिक्षा की जिम्मेदारी ली। साथ ही उसे जिला अस्पताल से निकलवाकर नवजात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि खन्ना के आधुनिक अस्पताल में भर्ती करवा दिया।

विधायक ने कहा कि यह बच्ची ईश्वर का वरदान है। हम प्रदेश सरकार की योजना ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ के तहत इस कन्या की शिक्षा और परवरिश का जिम्मा लेते हैं। आगे कहा कि इसका नाम भी हम सीता ही रखेंगे।

धीरे-धीरे स्वस्थ हो रही ‘‘सीता’’

कहते हैं कि मारने वाले से बचाने बाला बहुत बड़ा होता है। इस नवजात को कोई एक मटके में बंदकर सिटी श्मशान भूमि में जमीन में तीन फुट नीचे दबा गया था। चूंकि उसका जीवन था सो सीबीगंज के रहने वाले हितेश अपनी नवजात बच्ची के शव को दफनाने श्मशान भूमि पहुंचे। उन्होंने अपनी प्रीमेच्योर बच्ची को दफनाने के लिए जब गड्ढा खोदवाया तो तीन फुट नीचे मटका में जीवित नवजात बच्ची मिली। उसे उन्होंने न केवल निकालकर सीने से लगाया बल्कि दूध का इंतजाम कर रुई से दूध भी पिलाया। बाद में पुलिस को सूचना दी और बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

इसे ईश्वर की कृपा कहें या चमत्कार कि लंबे समय तक भूखे-प्यासे मटके में बंद दफन रहने के बाद भी नवजात का बाल भी बांका नहीं हुआ। जिला अस्पताल में भर्ती नवजात बच्ची धीरे-धीरे स्वस्थ हो रही है।

शुक्रवार को अस्पताल आने वाले हर शख्स की जुबान पर बच्ची की ही चर्चा रही। हर कोई बच्ची की एक झलक पाना चाहता था। किन्तु स्वास्थ्य की दृष्टि से लोगों को बच्ची के पास नहीं जाने दिया। बच्ची की सुरक्षा के लिए एसएनसीयू के बाहर पुलिस का पहरा बैठा दिया गया। बच्ची के स्वास्थ्य पर डॉक्टरों की लगातार नजर बनी हुई थी।

डॉक्टरों ने बताया कि जैसे-जैसे वक्त बीतता जाएगा, बच्ची के बचने की उम्मीदें भी बढ़ती जाएंगी। इस बीच शनिवार को बिथरी विधायक पप्पू भरतौल बच्ची के हमदर्द के रूप में सामने आये। उन्होंने न केवल बच्ची के पालन-पोषण की जिम्मेदारी की बात कही बल्कि उसे और अच्छी स्वास्थ्य सुविधा दिलाने के लिए डॉ. रवि खन्ना के अत्याधुनिक सुविधाओं वाले अस्पताल में भर्ती करा दिया।

दूसरी ओर अपनी बेटी खोने के बाद भाग्य से मिली मासूम जान की चिंता हितेश के परिवार को भी है। इज्जतनगर थाने में तैनात हितेश की पत्नी वैशाली चौधरी शुक्रवार को सारा दिन बच्ची की खैर कुशल पूछती रहीं।

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