Bareillylive : राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान ट्रस्ट (रजि.) भारत के तत्वावधान में शांति अग्रवाल सरस्वती विद्या इंटर कॉलेज, सिविल लाइंस, बरेली में बाल दिवस के अवसर पर एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस विशेष आयोजन का उद्देश्य बालिकाओं और युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक जागरूकता और खेल भावना को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम में बालिकाओं ने देश की प्रसिद्ध वीरांगनाओं और महिला महाशक्तियों जैसे रानी लक्ष्मी बाई, अहिल्याबाई होल्कर, मीराबाई, जीजाबाई और सोफिया कुरैशी का स्वरूप धारण कर आकर्षक झांकियां प्रस्तुत कीं। इन झांकियों के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, त्याग और नारी सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया गया। इस प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया और छात्राओं में देश के प्रति गौरव भाव जागृत हुआ।
इसके साथ ही कार्यक्रम में नवयुवाओं के बीच पारंपरिक भारतीय खेल खो-खो की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इस खेल में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मैदान में जोश व उमंग का माहौल देखने को मिला। आयोजकों ने बताया कि लुप्त हो रहे भारतीय पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित करने के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं।
राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदु इशिका सिंघानिया ने बताया कि भारत में बाल दिवस की शुरुआत वर्ष 1956 में 20 नवंबर को हुई थी, जिसे संयुक्त राष्ट्र संघ ने यूनिवर्सल चिल्ड्रन्स डे घोषित किया था। नेहरू जी के बच्चों के प्रति प्रेम और स्नेह को सम्मानित करते हुए उनके निधन के बाद उनकी जयंती 14 नवंबर को राष्ट्रीय बाल दिवस के रूप में मनाई जाने लगी। सिंघानिया ने कहा कि बालिका झांकियों के माध्यम से नारी शक्ति के गौरवशाली इतिहास को याद कराना और नई पीढ़ी में देशभक्ति का संचार करना हमारा उद्देश्य है।
राष्ट्रीय महामंत्री नरेंद्र पाल ने कहा कि बाल दिवस का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों, शिक्षा और समानता के प्रति जागरूकता फैलाना तथा बाल श्रम, बाल अपराध और भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाना है। वहीं राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन निहालानी ने कहा कि यह दिवस बच्चों की प्रतिभा निखारने और उनमें खुशियों व रचनात्मकता का संचार करने का प्रतीक है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश कुमार मौर्य, संरक्षक भारतेंदु सिंह, जे.आर. गुप्ता, सदस्य भीकम सिंह, रामकिशोर, चंद्र प्रकाश, दामोदर सिंह, आर्यन सिंह, शैलेंद्र सिंह, डॉ. अखिलेश गुप्ता सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सराहना की।





