Bareillylive (दिल्ली) गत मंगलवार, 26 अगस्त को एक विशेष अवसर पर पंडित हेमंत गुरु महाराज जी को पवित्र और सात्विक जीवन व्यतीत करने के उनके सम्मान में एक महत्त्वपूर्ण पद प्रदान किया गया। वर्ष 2017 से 2025 तक संत जीवन के नियमों का पालन करते हुए शुद्धता, संस्कार और संस्कृति को उजागर रखने के लिए पशुपति अखाड़ा द्वारा पंडित हेमंत गुरु महाराज जी का नाम बदलकर श्री हेमंतानंद पशुपति महाराज महामंडलेश्वर के रूप में किया गया। यह सम्मान उन्हें उनके जन्मदिन के अवसर पर 26 अगस्त को आश्रम प्लॉट नंबर 782, एक्स लाल डोरा, शिव मंदिर, कंझावला, दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया।
इस पवित्र समारोह का आयोजन विश्वगुरु श्रीमद अनंत विभूषित पीठाधीश्वर श्री ब्रह्मऋषि डॉ. पशुपति गौरीशंकराचार्य महाराज जी के कर कमलों द्वारा किया गया, जो कि पूरे भारत में अपनी आध्यात्मिक और धार्मिक छवि के लिए विख्यात हैं। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिसमें अनेक श्रद्धालु और संतगण उपस्थित रहें। यह कार्यक्रम न केवल पंडित हेमंत गुरु महाराज जी के लिए बल्कि उनके अनुयायियों और भक्तगण के लिए भी अत्यंत गौरवशाली पल रहा।
पिथौरागढ़ के लोगों के लिए यह एक अत्यंत हर्ष और गर्व की बात है कि उनके क्षेत्र के एक और संत को महामंडलेश्वर का यह गरिमामय पद प्रदान किया गया है। यह पद हेमंतानंद पशुपति महाराज के समर्पण, तपस्या और धार्मिक जीवन की पुष्टि है। इस सम्मान से न केवल उनकी आध्यात्मिक छवि को बल मिलेगा, बल्कि पिथौरागढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतिष्ठा भी देशभर में और अधिक बढ़ेगी।
इस प्रकार, यह क्षण भविष्य में भक्तों, समाज और कुल मिलाकर सांस्कृतिक विरासत के लिए एक प्रेरणा स्रोत साबित होगा, जो संतों के प्रतिनिधित्व और उनके जीवन मूल्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक नई दिशा प्रदर्शित करेगा। आगामी दिनों में भी महामंडलेश्वर श्री हेमंतानंद पशुपति महाराज द्वारा धर्म, संस्कृति और समाज के उत्थान के लिए विशेष प्रयास किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।






