The Voice of Bareilly since 2010

‘कोयले से बिजली कैसे बनती है’ जानने के लिए राजकीय पालीटेक्निक के विद्यार्थी पहुंचे रोजा थर्मल प्लांट

BareillyLive: पूरनपुर के औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र रोजा थर्मल पॉवर प्लांट शाहजहांपुर में मेधा लर्निंग फाउंडेशन के द्वारा एक विजिट का आयोजन किया गया। राजकीय पॉलीटेक्नक पूरनपुर के स्टूडेंट्स के लिए ये विजिट आयोजित की गई। रोजा थर्मल पॉवर प्लांट की तरफ से ऐच आर सुनील रंजन और ट्रेनिंग प्लेसमेंट विभाग से पुष्पेंद्र सर के सहयोग से ये विजिट सफलतापूर्वक कराई गई। राजकीय पॉलीटेक्निक पूरनपुर की फैकल्टी से श्री सुशील और श्री सुधीर सिंह भी शामिल रहे । इस विजिट को कराने में राजकीय पॉलीटेक्निक पूरनपुर के डॉ. नितिन सर और ट्रेनिंग प्लेसमेंट ऑफिसर अजय गुप्ता सर का पॉलीटेक्निक की तरफ से पूरा सहयोग रहा। इसके अलावा पॉवर प्लांट की तरफ से साइट इंजीनियर्स ने स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री और मशीनों के बारे मे जानकारी दी। साथ ही कोयले से बिजली कैसे बनती है। क्या प्रोसेस है बिजली बनाने का। कोल स्टीम टरबाइन कैसे काम करता है। इलेक्ट्रोस्टेट प्रेसिपेटर कैसे और क्या काम करता है। यह विजिट मेकेनिकल और इलेक्ट्रिकल थर्ड ईयर के लिए आयोजित कराई गई थी।

स्टूडेंट रिलेशनशिप मैनेजर फहद आलम ने बताया कि मेधा एक नॉन प्रॉफिट आर्गेनाइजेशन है जो स्टूडेंट्स को रोजगार व स्किल ट्रेनिंग देती है । मेधा स्टूडेंट्स को २१ सेंचुरी स्किल्स की ट्रेनिंग देती है। मेधा के प्रोग्राम करियर एडवासमेंट बूटकैंप (Career advancement bootcamp) के अंदर ही ये इंडस्ट्रियल विजिट आयोजित की गई है। मेधा का प्रोग्राम ३० दिन का होता है जिसमे हर दिन सेशन होता है और इसमें स्टूडेंट्स को प्रोब्लम सॉल्विंग, पब्लिक स्पीकिंग, डिसीजन मेकिंग, टीम वर्क, गोल सेटिंग स्किल्स को सिखाया जाता है। मेधा का उद्देश्य है कि स्टूडेंट्स को ट्रेनिंग के बाद स्किल्स से अच्छा रोजगार मिले। मेधा लगभग ३०००० स्टूडेंट्स को ट्रेनिंग व ६००० को प्लेसमेंट दे चुकी है।

error: Content is protected !!