Bareillylive : स्वामी डॉ. उमाकांतानंद सरस्वती महाराज द्वारा श्री रामकथा के चौथे दिन ज्ञान और भक्ति के प्रसंगों, परमात्मा की सर्वव्यापकता और राम जन्म की दिव्य कथाओं पर प्रकाश डाला गया। कथा में भगवान शिव-पार्वती प्रसंग व मनु महाराज द्वारा तप के माध्यम से भगवान को प्रसन्न करने के वर्णन से श्रोता भावविभोर हुए, जिसमें उन्होंने राम कथा को जन-कल्याण का माध्यम बताया।
डॉ स्वामी डॉ उमाकांतानन्द सरस्वती जी महाराज ने बताया कि भगवान हर कण में व्याप्त हैं, लेकिन उन्हें खोजने के लिए बैकुंठ जाने की आवश्यकता नहीं है, वे केवल प्रेम से प्रकट होते हैं। श्री राम कथा में ज्ञान और भक्ति को साक्षात शरीर धारण कर जाते हुए (मनु-सतरूपा) वर्णित किया गया, जो बुढ़ापे में आदर्श संबंधों का प्रतीक है।
*निर्मल और स्वच्छ मन वाले को ही मिलता है भगवान का आशीर्वाद*
कथा में राजा दशरथ के पुत्रकामेष्टि यज्ञ और रघुकुल शिरोमणि श्री राम के जन्म की दिव्य कथा सुनाई गई, जिससे पूरा हॉल “जय श्री राम” के जयघोष से गूंज उठा। भगवान राम के जन्म की व्याख्या के दौरान जैसे ही कथा व्यास ने भजन गाया वैसे ही श्रोता झूम उठे।स्वामि जी ने भगवान श्रीराम के चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान पूरा हॉल भक्तिरस में डूबा नजर आया। श्रद्धालु एकाग्र होकर प्रेम भाव से कथा का श्रवण करते दिखे। आयोजन में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। स्थानीय निवासियों और भक्तों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।आज के यजमान पंकज अग्रवाल उनकी धर्मपत्नी एवं रविशरण सिंह चौहान और उनकी धर्मपत्नी थी।
मुख्य संयोजक पूजा सेवा संस्थान के चेयरमैन पी पी सिंह- पूर्व रोटरी गवर्नर, संजय अग्रवाल- प्रबंध निदेशक आर्ट एरेना व रविशरण सिंह चौहान-प्रधानाचार्य एवं संयोजक गंगा समग्र तटप्रांत ब्रज प्रदेश, भाजपा नेता सतीश रोहतगी, भाजपा नेता प्रशांत पटेल, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य दक्ष शर्मा, गिरधर गोपाल खंडेलवाल, चन्द्र कांत त्रिपाठी, मालती देवी, मंजुला खंडेलवाल, श्यामा अरोड़ा, शिप्रा अग्रवाल तथा रोटरी क्लब ऑफ बरेली नॉर्थ के समस्त सदस्य उपस्थित थे।






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