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वंचित वर्ग की प्रतिभाशाली बच्चियों के स्वनिर्मित परिधानों वाला रैम्प वॉक बना प्रेरणादायी

Bareillylive : आज़ादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला में, सेंट्रल यू.पी. चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री वेलफेयर एसोसिएशन (महिला इकाई) और सामाजिक संस्था ‘एक उम्मीद’ ने मिलकर एक प्रेरणादायक कार्यक्रम “स्वतंत्रता की पहचान – वॉक ऑफ फ्रीडम” का आयोजन फ़न सिटी के हवेली हॉल में किया।
इस विशेष आयोजन का उद्देश्य समाज के वंचित वर्ग की प्रतिभाशाली बालिकाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करना था, जहाँ वे न केवल अपनी रचनात्मकता और कला को प्रस्तुत कर सकें, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास के साथ समाज में अपनी पहचान भी बना सकें।

स्वनिर्मित परिधानों में रैम्प वॉक रहा मुख्य आकर्षण

कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण था— वंचित परिवारों से आने वाली बालिकाओं का स्वनिर्मित परिधानों में रैम्प वॉक। इस रैम्प वॉक में शामिल सभी परिधान इन बच्चियों ने स्वयं डिजाइन और तैयार किए थे। ये बच्चियां संस्था ‘एक उम्मीद’ से जुड़ी हैं, जिसका संचालन समाजसेवी अमिता अग्रवाल करती हैं। बच्चियों की मेहनत, रचनात्मकता और आत्मविश्वास उनके हर कदम में झलक रहा था।
दर्शकों ने हर प्रतिभागी का जोशीले तालियों से स्वागत किया और उन्हें प्रोत्साहित किया। रैम्प पर उनकी मुस्कान, आत्मविश्वास और सधी चाल इस बात का प्रमाण था कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर ये बेटियां किसी भी मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

मुख्य अतिथियों के प्रेरणादायक संदेश

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती आशा मूर्ति (श्री राममूर्ति मेडिकल एवं इंजीनियरिंग कॉलेज ग्रुप) और श्रीमती शिल्पा गुआल ने शिरकत की।
श्रीमती आशा मूर्ति ने कहा — “आज इन बेटियों की उपलब्धियां देखकर यह विश्वास और मजबूत हो जाता है कि अगर समाज उन्हें अवसर दे, तो वे किसी भी क्षेत्र में नाम और पहचान बना सकती हैं। यह आयोजन इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि सामूहिक प्रयास से बदलाव संभव है।”
श्रीमती शिल्पा गुआल ने अपने संबोधन में कहा — स्वतंत्रता केवल राजनीतिक आज़ादी नहीं है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक आत्मनिर्भरता भी उसका हिस्सा है। इन बच्चियों ने आज अपने हाथों से तैयार किए परिधानों में रैम्प वॉक करके यह साबित कर दिया है कि वे अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं।

देशभक्ति और सांस्कृतिक रंगों का संगम

कार्यक्रम में 79वें स्वतंत्रता दिवस और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी — दोनों पर्वों का सुंदर संगम देखने को मिला।
चैंबर ऑफ कॉमर्स की लेडीज़ विंग की सदस्यों ने मंच से “आज की आज़ादी” का उनके जीवन में क्या अर्थ है — इस पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वास्तविक स्वतंत्रता का अर्थ है— अपनी सोच, फैसलों और सपनों को स्वतंत्र रूप से जीना।
साथ ही, एक भावुक सांस्कृतिक सत्र भी हुआ जिसमें महिलाओं ने अपनी पसंदीदा साड़ियों से जुड़ी यादें साझा कीं। इन कथाओं में परिवार, प्रेम, संघर्ष और परंपराओं की गहरी छाप महसूस की जा सकती थी।

सम्मान, पुरस्कार और आभार

रैम्प वॉक का जजमेंट डॉ. उर्मिला बाजपेयी ने किया। कार्यक्रम का संचालन नीलू मेहंदी रत्ता ने कुशलता से किया और धन्यवाद ज्ञापन सचिव अंबुज गुप्ता द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस मौके पर राधा सिंह, कविता अग्रवाल, सोनिया सेठी, रीना कौर, मंजीत विग, इला अग्रवाल, रिचा सिंघल, श्रद्धा खंडेलवाल, डॉ. मंजू गुप्ता सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

आयोजकों ने समाज से अपील की कि ऐसे कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर सहयोग करें, ताकि वंचित वर्ग की बेटियों की प्रतिभा को सही दिशा और अवसर मिल सके तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का सपना साकार हो।

कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों को सम्मानित करने और सामूहिक राष्ट्रीय गान के साथ हुआ।


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