Bareillylive : भारतीय संस्कृति, कला और साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समर्पित संस्था संस्कार भारती बरेली महानगर ब्रज प्रांत के तत्वावधान में, गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर एक भव्य ‘कला गुरू सम्मान समारोह’ का आयोजन स्थानीय लोक खुशहाली सभागार में किया गया। इस समारोह का उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय कला, संगीत, नृत्य, साहित्य, रंगमंच एवं चित्रकला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले गुरुओं और कलाकारों का सम्मान करना था। साथ ही, यह आयोजन भारतीय सभ्यता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत के प्रचार-प्रसार को समर्पित रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत परंपरागत नटराज पूजन से हुई, जिसमें उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों और कलाकारों ने भारतीय संस्कृति के प्रतीक भगवान नटराज का विधिवत पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। नटराज शिव का वह रूप है, जो सृष्टि के नृत्य और संगीत के अधिपति माने जाते हैं। इस पूजन के माध्यम से आयोजकों ने यह संदेश दिया कि भारतीय कला की जड़ें हमारी सनातन परंपरा में गहराई से समाहित हैं।
मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. विनोद पागरानी (निदेशक, खुशलोक हॉस्पिटल, बरेली) रहे, जिन्होंने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गुरु न केवल ज्ञान का संचार करते हैं, बल्कि समाज को संस्कारित और जागरूक नागरिक भी बनाते हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. अवनीश यादव (प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज), डॉ. थीरेंद्र शर्मा (प्रधानाचार्य, शांति अग्रवाल सरस्वती विद्यामंदिर इंटर कॉलेज) और प्रसिद्ध संगीतकार डॉ. अवधेश गोस्वामी ने भी अपने विचार साझा किए और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। सभी अतिथियों ने संस्कार भारती के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल कलाकारों को मंच मिलता है, बल्कि भारतीय कला की गरिमा भी बढ़ती है।
कला उत्सव : विविध रंगों का संगम
कार्यक्रम के दौरान शास्त्रीय नृत्य, संगीत, गायन, वादन, कवि सम्मेलन एवं चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविध शैलियों—भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी आदि की प्रस्तुतियां दीं, जिनमें भारतीय संस्कृति की गहराई और सौंदर्य झलकता रहा। संगीत और गायन के कार्यक्रम में रागों की मधुरता और सुरों की लयकारी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वादन में तबला, सितार, हारमोनियम आदि व्याधयंत्रों की प्रस्तुति ने माहौल को संगीतमय बना दिया।
कवि सम्मेलन में स्थानीय और प्रान्तीय कवियों ने भारतीय सभ्यता, सामाजिक समरसता, गुरु-शिष्य परंपरा और राष्ट्रप्रेम पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कीं, जिससे श्रोताओं में देशभक्ति और संस्कृति के प्रति गर्व की भावना जागृत हुई। चित्रकला प्रदर्शनी में कलाकारों ने भारतीय संस्कृति, लोक जीवन, सामाजिक समरसता और प्रकृति के विविध रंगों को अपनी कूची से जीवंत किया। इन चित्रों ने न केवल सौंदर्यबोध को जाग्रत किया, बल्कि सामाजिक संदेश भी दिया।
कला गुरुओं का सम्मान : साधना और समर्पण को सलाम
संस्कार भारती द्वारा इस अवसर पर तीन विशिष्ट कलागुरुओं—नन्द किशोर बनर्जी (संगीत), अम्बुज कुकरेती (रंगमंच) और राम रतन यादव (साहित्य)—को ‘कलागुरू सम्मान’ से सम्मानित किया गया। इन गुरुओं ने अपने-अपने क्षेत्र में वर्षों से साधना, समर्पण और नवाचार के माध्यम से समाज को समृद्ध किया है। सम्मान स्वरूप उन्हें अंग वस्त्र, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रांतीय मंत्री कुलदीप वर्मा, प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य पप्पू वर्मा एवं महानगर अध्यक्ष उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट द्वारा प्रदान किए गए।
इसके अतिरिक्त, विभिन्न कलाओं से जुड़े भारी संख्या में कलाकारों को भी सम्मानित किया गया, जिससे युवा कलाकारों को भी प्रोत्साहन मिला। यह सम्मान न केवल उनकी प्रतिभा की स्वीकृति है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।
संगठन की भूमिका और आयोजन समिति
इस अवसर पर संस्कार भारती के संयोजक एवं प्रांतीय मंत्री कुलदीप वर्मा एडवोकेट, महानगर अध्यक्ष उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट, महामंत्री अमन पटेल, कोषाध्यक्ष नीरज कुमार ठाकुर एडवोकेट, दृश्य कला संयोजक प्रिया सक्सेना व दीप शिखा सक्सेना, संगीत संयोजक संजय सक्सेना व नीलिमा रावत, साहित्य संयोजक रोहित राकेश, भारत सक्सेना, सूरज पाल मौर्य, किरन प्रजापति दिलवारी, डॉ. अखिलेश कुमार गुप्ता, कमल किशोर शर्मा, डॉ. मिथिलेश राकेश, पी.के. दीवाना, प्रदीप रावत, देवेंद्र रावत, आरोही रावत, सचिन श्याम भारतीय, उमेश अद्भुत, नेहा पाल, डॉ. प्रकृति शर्मा, बिंदु पटेल, रोहित गगवार, कौशल कुमार, हरपाल सिंह यादव, मुकेश कुमार सक्सेना, महेंद्र पाल सिंह राही, दीपक मुखर्जी दीप, प्रदीप कुमार झा, आर.सी. पांडे, उमेश चंद्र गुप्ता आदि गणमान्य उपस्थित रहे। इन सभी ने कार्यक्रम की सफलता में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का संचालन प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य डी. प्रसाद उर्फ पप्पू वर्मा ने अत्यंत कुशलता से किया। उन्होंने अपने रोचक अंदाज में कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा और सभी प्रस्तुतियों के बीच सुंदर समन्वय स्थापित किया।
समापन और आभार
कार्यक्रम के अंत में संस्था के महानगर अध्यक्ष उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट ने सभी अतिथियों, कलाकारों, गुरुओं, उपस्थित जनसमूह और आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्कार भारती का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, कला और साहित्य को जन-जन तक पहुंचाना है और ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम अपनी विरासत को सशक्त बना सकते हैं। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे अपनी प्रतिभा और साधना के माध्यम से समाज को दिशा दें और भारतीय संस्कृति के संवाहक बनें।






