Bareillylive : समाज सेवा और मानव कल्याण के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही शिव शक्ति रक्तदान सेवा समिति, बरेली द्वारा विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर बरेली के कुदशिया फाटक स्थित साईं लॉन के प्रांगण में आयोजित किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और रक्तदान के महत्व को समझते हुए मानवता की सेवा में अपना योगदान दिया।
शिविर का उद्घाटन और मुख्य अतिथि की उपस्थिति
इस रक्तदान शिविर का उद्घाटन बरेली के वरिष्ठ न्यूरो फिजिशियन डॉ. विनय कुमार अग्रवाल द्वारा किया गया। डॉ. अग्रवाल ने अपने संबोधन में रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्तदान न केवल किसी जरूरतमंद की जान बचाता है, बल्कि यह रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। उन्होंने युवाओं और समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे समय-समय पर रक्तदान कर समाज सेवा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। डॉ. अग्रवाल ने शिव शक्ति रक्तदान सेवा समिति के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं।
आयोजन की रूपरेखा और समिति के सदस्यों की भूमिका
इस कार्यक्रम की रूपरेखा का निर्माण भाई महावीर सिंह और भाई हिमांशु मौर्य ने किया। उन्होंने शिविर की संपूर्ण योजना, व्यवस्थाओं और प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। कार्यक्रम के निदेशक भाई राहुल तिवारी थे, जिन्होंने पूरे आयोजन को सफलतापूर्वक संचालित किया। कार्यक्रम को गति प्रदान करने और प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने में भाई लव शर्मा, भाई साहनी और भाई शिवम गुप्ता का विशेष योगदान रहा। शिविर में व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भाई राजीव जौहरी, भाई प्रियांक कपूर, भाई मुकेश अग्रवाल, भाई कुंवर गुप्ता और भाई साकेत गुप्ता ने निभाई। इन सभी ने मिलकर शिविर को सुव्यवस्थित और सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
रक्तदान में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी
इस रक्तदान शिविर की सबसे विशेष बात यह रही कि इसमें महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आमतौर पर समाज में रक्तदान को लेकर महिलाओं में झिझक देखी जाती है, लेकिन इस शिविर में श्रीमती शुभांगी, श्रीमती शुभी पाठक, श्रीमती दीपाली तथा डॉ. (श्रीमती) अंबिका नायक ने न केवल स्वयं रक्तदान किया, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आगे आने के लिए प्रेरित किया। इन महिलाओं ने अपने उदाहरण से यह सिद्ध किया कि रक्तदान केवल पुरुषों का ही दायित्व नहीं, बल्कि महिलाएँ भी इस पुण्य कार्य में बराबर की भागीदार बन सकती हैं। उनके इस योगदान से समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक संदेश गया और अन्य महिलाएँ भी भविष्य में रक्तदान के लिए प्रेरित हुईं।
रक्तदान शिविर की उपलब्धियाँ और समाज में संदेश
शिविर के दौरान कुल 29 रक्तदान हुए, जिसमें युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रक्तदान करने वालों को समिति की ओर से प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। समिति ने रक्तदाताओं को यह भी बताया कि उनका रक्त किसी जरूरतमंद मरीज के जीवन को बचा सकता है और यह मानवता की सच्ची सेवा है। रक्तदान के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए समिति द्वारा पंपलेट, पोस्टर और सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार किया गया।
समिति की सेवाभावना और भविष्य की योजनाएँ
शिव शक्ति रक्तदान सेवा समिति का उद्देश्य केवल रक्तदान शिविर आयोजित करना ही नहीं, बल्कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना भी है। समिति के सदस्य नियमित रूप से अस्पतालों, ब्लड बैंकों और अन्य चिकित्सा संस्थानों से संपर्क बनाए रखते हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में रक्त की कमी न हो। समिति भविष्य में भी ऐसे शिविरों का आयोजन करती रहेगी और समाज के सभी वर्गों को इसमें शामिल होने के लिए प्रेरित करेगी।
समापन और आभार
शिविर के समापन पर समिति के निदेशक भाई राहुल तिवारी ने सभी रक्तदाताओं, अतिथियों, समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान महादान है और यह जीवन बचाने का सबसे सरल एवं महान कार्य है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे वर्ष में कम से कम दो बार रक्तदान अवश्य करें और इस पुनीत कार्य में भागीदार बनें। समिति ने यह भी संकल्प लिया कि भविष्य में और अधिक व्यापक स्तर पर ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि बरेली ही नहीं, पूरे क्षेत्र में रक्त की कमी से किसी भी मरीज को परेशानी न हो।





