Bareillylive स्थानीय प्रतिभा कौशल किशोर ने अपनी मेहनत और लगन से संगीत की दुनिया में एक नया मुकाम हासिल किया है। हाल ही में उन्होंने प्रतिष्ठित इंडियाज टैलेंट फाइट के मेगा ऑडिशन में सफलता प्राप्त की है, जिससे उनके सपनों को नई उड़ान मिली है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल बरेली बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
कौशल किशोर की संगीत यात्रा की शुरुआत बचपन से ही हो गई थी। जब वह मात्र कक्षा 5 के छात्र थे, तभी उन्होंने पहली बार मंच पर गाने का साहस दिखाया। इस शुरुआती दौर में उनकी शिक्षिका मीना अग्रवाल ने उन्हें अपार सहयोग और प्रोत्साहन दिया। उन्होंने अपने निजी धन से कौशल को एक प्रतियोगिता में भाग दिलवाया, जहाँ उन्होंने पहली ही बार में सफलता का स्वाद चखा। यही वह पल था जिसने एक युवा कलाकार के भीतर आत्मविश्वास की लौ जला दी।
इसके बाद तो कौशल ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। कक्षा 10 में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभा खोज “सुर तरंग” गायन प्रतियोगिता में जीत हासिल करके सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। कौशल के पिता, जो स्वयं एक अच्छे गायक रहे हैं, ने हमेशा उनका मार्गदर्शन किया और संगीत की इस दुनिया में सही दिशा दिखाई।
संगीत के प्रति अपने जुनून को गहराई से समझने और उसे पेशेवर बनाने के लिए कौशल ने स्नातक की पढ़ाई के साथ-साथ संगीत में प्रभाकर की उपाधि भी प्राप्त की। इस दौरान उन्हें परम आदरणीय स्वर्गीय श्री ए. आर. ताडके जी जैसे विद्वान से संगीत की शिक्षा प्राप्त करने का सौभाग्य मिला, जिसने उनकी कला को निखारने और परिपक्व बनाने में अहम भूमिका निभाई।
कौशल की प्रतिभा सिर्फ गायन तक सीमित नहीं है। उन्हें अभिनय में भी गहरी रुचि है। कई वर्षों तक उन्होंने थिएटर किया और इसी अनुभव ने उन्हें बॉलीवुड की फिल्म “मुक्काबाज़” में एक पत्रकार की भूमिका दिलवाई। इस फिल्म में उन्हें मशहूर अभिनेता जिम्मी शेरगिल के साथ काम करने का अवसर मिला।
हालाँकि, उनकी दिली चाहत हमेशा से प्लेबैक सिंगिंग रही है। इसी जुनून ने उन्हें दिल्ली की प्रसिद्ध संस्था ‘सोनोटेक चंदा कैसेट्स’ से जोड़ा, जहाँ उन्होंने कई भक्ति एलबमों में अपनी आवाज़ दी।
इंडियाज टैलेंट फाइट के मेगा ऑडिशन में चयन उनकी इस लंबी और साधना भरी यात्रा का एक नया अध्याय है। कौशल कहते हैं, “जब मैंने इंस्टाग्राम पर इसका विज्ञापन देखा, तो मैंने तुरंत भाग लेने का फैसला किया। मेरा चयन हो गया है, यह सुनकर मैं बेहद खुश हूँ। मैं निर्णायक मंडल का हृदय से आभारी हूँ और वादा करता हूँ कि मैं उनकी उम्मीदों पर खरा उतरूंगा। जल्द ही प्रसिद्ध संगीतकार अन्नू मलिक के सामने परफॉर्म करने का सपना मेरा सच होगा।
कौशल किशोर वर्तमान मे श्री गुलाब राय मोंटनसरी स्कूल मे संगीत शिक्षक के रूप मे कार्यरत हैं। उनकी यह सफलता हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर संघर्ष कर रहा है। उनकी कहानी सिखाती है कि लगन, समर्पण और सही मार्गदर्शन से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।





