बदायूं। बदायूं जिले के थाना सहसवान कोतवाली में तैनात दरोगा कमलेश सिंह को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया। दरोगा मुकदमे के वादी से दूसरे पक्ष को जेल भेजने के नाम पर रिश्वत मांग रहा था। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
सहसवान के अलहदादपुर धोबई निवासी दिनेश मिश्रा ने विगत 17 जुलाई को एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि उसने अपने ट्रैक्टर से गांव निवासी रामकुमार, वेदप्रकाश व हरिबाबू के खेत में जुताई की थी, जिसके एक हजार रुपये उन पर थे। जब उसने उनसे अपने रुपये मांगे तो तीनों ने उसे जमकर पीटा। साथ ही जान से मारने की नीयत से चाकू से प्रहार किया। दिनेश ने तीनों आरोपितों पर एफआईआर दर्ज कराई थी। तीनों आरोपित सगे भाई हैं।
बताया जाता है कि इस मामले की विवेचना दरोगा कमलेश सिंह कर रहा था। आरोप है कि उसने दिनेश से कहा कि तीनों आरोपितों के नाम झूठे लिखाए गए हैं। इस पर दिनेश ने अधिकारियों से भी शिकायत की थी।
बताते हैं कि आरोपितों को जेल भेजने के लिए दरोगा ने दिनेश से रुपयों की मांग रखी। दिनेश ने भी हामी भरने के साथ इसकी शिकायत एंटी करप्शन में कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दरोगा कमलेश सिंह के पास घटना का पीड़ित वादी दिनेश कुमार पहले से निर्धारित रकम 12 हजार रुपया लेकर कोतवाली में पहुंचा। कार्यालय के मुख्य द्वार की कुर्सी पर बैठे वरिष्ठ उप निरीक्षक कमलेश सिंह को जैसे ही दिनेश कुमार ने 12 हजार रुपये की रिश्वत दी तभी एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुँचकर उन्हें घेर लिया गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के बाद टीम दरोगा को उझानी कोतवाली ले गई, जहाँ आगे की पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, दरोगा कमलेश सिंह सहसवान कोतवाली के चार नंबर हल्का पर तैनात थे और थाने में एसएसआई के पद पर बताया जा रहा है ।
उझानी कोतवाली लाकर मुकदमा दर्ज कर दरोगा को चिकित्सीय परीक्षण हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उझानी ले जाया गया। इसके बाद टीम उसे अपने साथ ले गई।





