उत्तरकाशी। उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी जिले में धराली में बादल फटने के कारण खीर गंगा नदी में बाढ़ आ गयी। इससे चार व्यक्तियों की मौत हो गई और अनेक मकान तथा होटल तबाह हो गए। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने घटनास्थल के लिए रवाना होने से पहले चार व्यक्तियों की मौत की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि नुकसान की सही जानकारी कुछ देर बाद ही सामने आ पाएगी।
प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने इस तबाही पर दुःख प्रकट करते हुए पीड़ितों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धराली में हुए भारी नुकसान पर दुःख जताया हैं उन्होंने प्रभावितों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि सेना, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) तथा जिला प्रशासन की टीम राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। धामी ने कहा कि वह निरंतर वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में हैं और स्थिति की नियमित जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
धराली गंगोत्री धाम से करीब 20 किलोमीटर पहले पड़ता है और यात्रा का प्रमुख पड़ाव है। एक स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी राजेश पंवार ने बताया कि खीर गंगा के जल ग्रहण क्षेत्र के उपर बादल फटा जिसकी वजह से नदी में विनाशकारी बाढ़ आ गयी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दिखाई दे रहा है कि नदी में ऊपर से भारी मात्रा में तेजी से पानी और मलबा आया और देखते ही देखते मकान और होटल उसकी चपेट में आ गए।
मौसम विज्ञान केन्द्र के निदेशक रोहित थपलियाल ने बताया कि प्रदेश भर में 10 अगस्त तक भारी बारिश होने की संभावना है। खासकर पर्वतीय इलाकों में तेज बारिश के आसार हैं। बारिश की वजह से देहरादून, पौड़ी, टिहरी और हरिद्वार में आज भी स्कूल बंद है।





